25 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का पुरस्कार वितरण के साथ समापन

अजमेर। पूज्य झूलेलाल जयन्ती समारोह समिति के संयोजन में शहर की विभिन्न क्षेत्रीय सिंधी पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों के आपसी सहयोग से 25 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का सोमवार सम्मान समारोह के साथ विधिवत समापन हुआ।

अजमेर में पांचवीं बार 25 दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत 22 मार्च से जतोई दरबार से दांदूराम साहेब दरबार ट्रस्ट की देखरेख में संत-महात्माओं के सान्निध्य में ध्वजारोहण कार्यक्रम के साथ हुई थी।

अध्यक्ष कंवल प्रकाश किशनानी ने बताया कि 25 दिन में 50 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें 25 संस्थाओं का सहयोग रहा। धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम, 18वां सिन्धियत मेलो, रक्तदान शिविर, सिंधी व्यंजन, नृत्य, गायन, लाडा, कैरम, क्रिकेट खेलकूद, डांडिया छेज्, झूलेलाल बनो प्रतियोगिता, संस्कारवान बालिका पर प्रवचन, प्रभात फेरी, अमर शहीद हेमू कालानी जयंती, संत कवंरराम जयंती, सामूहिक दीपदान व आतिशबाजी, पंचाग विमोचन, हवन, मुण्डन व जनेउ, सिन्धी भाषा दिवस, नवसम्वतंसर व चेटीचण्ड पर संगोष्ठी तथा सभी संस्थाओं के सहयोग से चेटीचण्ड शोभायात्रा जुलूस निकाला गया।

महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी नें बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ ईष्टदेव झूलेलाल, स्वामी हृदयारामजी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण से किया गया। स्वागत भाषण प्रेम केवलरामाणी व आभार संयोजक ईसर भम्भाणी ने दिया। प्रतिवेदन कोषाध्यक्ष हरी चंदनाणी ने प्रस्तुत किया।

समारोह में संत श्रीशांतानन्द उदासीन आश्रम तीर्थराज पुष्कर के महंत हनुमानराम ने आशीर्वचन देते हुए कहा अजमेर में सिन्धी समाज की समस्त संस्थाओं ने मिलकर चेटीचण्ड के उत्सव धूमधाम से मनाया। यह एकता और भाईचारे की मिसाल है। छोटे बालक से लेकर युवा, महिला व वरिष्ठजनों ने भरपूर सहयोग किया।

इस दौरान सिन्धी भाषा व संस्कृति के साथ सनातन धर्म को आगे बढाने का सार्थक प्रयास प्रशंसनीय है। समारोह समिति के प्रत्येक कार्यकर्ता ने जो जिम्मेदारी निभाई है वैसी ही आने वाले कार्यक्रमों में निभाएं। सभी मिलकर ऐसी सेवा करते रहें ऐसी सभी के लिए मंगल कामना है। इस अवसर पर प्रेम प्रकाश आश्रम के दादा नारायणदास, जतोई दरबार के भाई फतनदास व ने भी आशीर्वचन प्रदान किए।

पक्षियों व गाय माता के सेवा कार्य का संकल्प

महंत हनुमानराम ने कहा कि भीषण गर्मी पडने लगी है। इंसान तो अपने लिए पानी की व्यवस्था कर लेता है परन्तु बेजुबान पक्षियों के लिए भी काम करें। समिति को पक्षियों के लिए दाने व पानी के साथ गउमाता के लिए चारे की व्यवस्था करने की सेवा का संकल्प दिलवाया। स्वयं संतों ने सहयोग देकर आशीर्वाद के साथ इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया।

उत्कृष्ट कार्यक्रम देने वालों व भामाशाहों का सम्मान

25 दिवसीय महोत्सव के दौरान सहयोग करने वाले भामाशाह सम्मान नारायणदास हरवाणी, जीत मोतियाणी, परवेश अबिचंदाणी, प्रिंस मोतियाणी, नारायणदास थदाणी, हरीराम कोडवाणी, राजा जेठाणी, गुलाबराय ट्रस्ट को उत्कृष्ट कार्यक्रम सम्मान। पूज्य सिन्धी पंचायत पंचशील नगर, वैशाली सिन्धी सेवा समिति, सिन्धी लेडीज क्लब, सिन्धी ज्योति सेवा समिति, सिन्धु समिति, अजमेर व महेश मूलचंदाणी, तरूण कुमार को सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह प्रदान कर श्रीफल व शॉल ओढाया गया।

कार्यक्रम में नवल राय बच्चाणी, गुरबक्ष मीराणी, अशोक तेजवाणी, राधाकिशन आहूजा, जीडी वृंदाणी, जगदीश अबिचंदाणी, तुलसी सोनी, पुष्पा साधवाणी, रमेश टिलवाणी, मोहन तुलस्यिाणी हरीश केवलरामाणी, महेश टेकचंदाणी, दिशा किशनानी प्रेम केवलरामाणी, प्रकाश जेठरा, जयकिशन लख्याणी, दीपक साधवाणी, नारी वाघाणी, मंघाराम भिरयाणी, कमल लालवाणी, हरिराम कोडवाणी, कुमार लालवाणी, भवानी थदाणी, राजेन्द्र जयसिंघाणी सहित बडी संख्या में समाजबंधु और कार्यकर्ता उपस्थित थे।