बच्चों को होने वाले रोग एवं उपाय | Child diseases and remedies

child diseases and remedies in hindi
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सीधी जानकारी

बच्चों को दस्त लगने पर निम्न प्रयोग कीजिये 

पहला प्रयोगः जायफल या सोंठ अथवा दोनों का मिश्रण पानी में घिसकर सुबह-शाम 3 सेस 6 रत्ती (करीब 400 से 750 मिलीग्राम) देने से हरे दस्त मिट जाते हैं।

दूसरा प्रयोगः 1 ग्राम खसखस पीसकर 10 ग्राम दही में मिलाकर देने से बच्चों की दस्त की तकलीफ दूर होती है।

बच्चों को उदरविकार

5 ग्राम सौंफ़ लेकर थोड़ा कूट लें। एक गिलास उबलते हुए पानी में डालें व उतार लें और ढँककर ठण्डा होने के लिए रख दें। ठण्डा होने पर मसलकर छान लें। यह सोंफ का 1 चम्मच पानी 1-2 चम्मच दूध में मिलाकर दिन में 3 बार शिशु को पिलाने से शिशु को पेट फूलना, दस्त, अपच, मरोड़, पेटदर्द होना आदि उदरविकार नहीं होते हैं।
दाँत निकलते समय यह सोंफ का पानी शिशु को अवश्य पिलाना चाहिए जिससे शिशु स्वस्थ रहता है।

बच्चों को अपच

नागरबेल के पान के रस में शहद मिलाकर चाटने से छोटे बच्चों का आफरा, अपच तुरंत ही दूर होता है।

बच्चों को सर्दी-खाँसी

पहला प्रयोगः हल्दी का नस्य देने से तथा एक ग्राम शीतोपलादि चूर्ण पिलाने से अथवा अदरक व तुलसी का 2-2 मि.ली. रस 5 ग्राम शहद के साथ देने से लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः 1 ग्राम सोंठ को दूध अथवा पानी में घिसकर पिलाने से कफ निकल जाता है।

तीसरा प्रयोगः नागरबेल के पान में अरंडी का तेल लगाकर हल्का सा गर्म कर छोटे बच्चे की छाती पर रखकर गर्म कपड़े से हल्का सेंक करने से बालक की छाती में भरा कफ निकल जाता है।

वराध (बच्चों का एक रोग हब्बा-डब्बा)

पहला प्रयोगः जन्म से 40 दिन तक सुबह-शाम दो आनी भार (1.5 ग्राम) शहद चटाने से बालकों को यह रोग नहीं होता।

दूसरा प्रयोगः मोरपंख की भस्म 1 ग्राम, काली मिर्च का चूर्ण 1 ग्राम। इनको घोंटकर छः मात्रा बनायें। जरूरत के अनुसार दिन में 1-1 मात्रा तीन-चार बार दें।

तीसरा प्रयोगः बालरोगों में 2 ग्राम हल्दी व 1 ग्राम सेंधा नमक शहद अथवा दूध के साथ चटाने से बालक को उलटी होकर वराध में राहत मिलती है। यह प्रयोग एक वर्ष से अधिक की आयुवाले बालक पर ही करें।

बच्चों को न्यूमोनिया

महालक्ष्मीविलासरस की आधी से एक गोली 10 से 50 मि.ली. दूध अथवा 2 से 10 ग्राम शहद अथवा अदरक के 2 से 10 मि.ली. रस के साथ देने से न्यूमोनिया में लाभ होता है।

बच्चों को फुन्सियाँ होने पर

पहला प्रयोगः पीपल की छाल और ईंट पानी में एक साथ घिसकर लेप करने से फुन्सियाँ मिटती हैं।
दूसरा प्रयोगः हल्दी, चंदन, मुलहठी व लोध्र का पाऊडर मिलाकर या किसी एक का भी पाऊडर पानी में मिलाकर लगाने से फुन्सी मिटती है।

बच्चों को दाँत निकलने पर

पहला प्रयोगः तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर मसूढ़े पर घिसने से बालक के दाँत बिना तकलीफ के उग जाते हैं।

दूसरा प्रयोगः मुलहठी का चूर्ण मसूढ़ों पर घिसने से दाँत जल्दी निकलते हैं।

बच्चों को नेत्र रोग

त्रिफला या मुलहठी का 5 ग्राम चूर्ण तीन घंटे से अधिक समय तक 100 मि.ली. पानी में भिगोकर फिर थोड़ा-सा उबालें व ठण्डा होने पर मोटे कपड़े से छानकर आँखों में डालें। इससे समस्त नेत्र रोगों में आशातीत लाभ होता है। यह प्रतिदिन ताजा बनाकर ही प्रयोग में लें तथा सुबह का जल रात को उपयोग में न लें।

बच्चों को हिचकी

धीरे-धीरे प्याज सूँघने से लाभ होता है।