मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को मुंबई प्रेस क्लब में कहा कि 2 अक्टूबर से मुंबई में विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और मांग पूरी नहीं होने पर इसे देश के विभिन्न राज्यों तक ले जाया जाएगा।
दीपके के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क से करने की योजना है। उन्होंने कहा कि CJP की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रखा जाएगा। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई है।
CJP ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और इस प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। पार्टी की मांग है कि SIR प्रक्रिया को फ्रीज किया जाए और चुनावों के लिए 2025 की मतदाता सूची को आधार बनाया जाए। हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक विवाद का विषय हैं और निर्वाचन आयोग इनसे जुड़े आरोपों का खंडन करता रहा है।
CJP के नेताओं ने कहा कि मुंबई के बाद गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी प्रदर्शन किए जाने की योजना है। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में अक्टूबर के आखिर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने की बात कही गई है।
इससे पहले CJP ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते हुए इसमें अधिक पारदर्शिता और सिविल सोसाइटी की भागीदारी की वकालत भी की है।
उधर, मुंबई पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। पुलिस ने इसके पीछे बॉम्बे हाईकोर्ट के पुराने आदेश तथा शिवाजी पार्क में सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़े नियमों का हवाला दिया है और वैकल्पिक स्थान पर अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी है। इसके बाद CJP ने ‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी दी है।
पार्टी का कहना है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उसका अभियान नहीं रुकेगा। CJP नेतृत्व ने कहा है कि गिरफ्तारी की स्थिति में भी कार्यकर्ता आंदोलन जारी रखेंगे। अब 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित कार्यक्रम और प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी।



