वसुंधरा राजे के आने से पहले भाजपा में रार, कहा पार्टी किसी के बाप की जागिरी नहीं

sirohi bjp officebearer present their grievences in front of dhaulpur mp manoj rajoriya
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सबगुरु न्यूज-सिरोही। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आगमन से पहले जहां सांसद की उपयात्रा को जिले में कई जगह काले झंडे दिखाए गए और विरोध किया गया वहीं सोमवार को सर्किट हाउस में धौलपुर सांसद मनोज राजोरिया द्वारा सीएम के आगमन की तैयारी बैठक में भाजपा पदाधिकारियों ने हंगामा बरपाया।

मुख्यमंत्री वसुध्ंारा राजे राजस्थान गौरव यात्रा के लिए 30 अगस्त को सिरोही में आ रही हैं। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए धौलपुर के सांसद मनोज राजोरिया सोमवार को सिरोही पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी के जिला संगठन, मंडल और मोर्चों के पदाधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में भाजपा को अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर रखने को लेकर कई पदाधिकारियों को गुस्सा भाजपा जिलाध्यक्ष और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पर फूट पड़ा।
इस दौरान शिवगंज ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गणपतसिंह देवड़ा ने सिरोही भाजपा जिलाध्यक्ष की कार्यपद्धति पर सवालिया निशान लगाते हुए राजौरिया से अनुरोध किया कि इन्होंने मनमानी की है वह साफ सुथरा काम करवाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों व वरिष्ठ पदाधिकारियों से काम लोगे तो वह काम करेंगे। इसमें सबको साथ लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष ने बंद कमरे में कार्य वितरण किया और उसे यहां पढ़ दिया। अपने करीबियों को मुख्यमंत्री के पास रखने का कोई मौका उन्होंने नहीं छोड़ा।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो जिलाध्यक्ष से चर्चा के बिना ही मनमाने तरीके से भाजपा जिला उपाध्यक्ष का नाम रथ व्यवस्था में रख दिया। इनका नाम हटाया जाए अन्यथा वह मुख्यमंत्री के सामने इसका विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद को उपयात्रा के दौरान काले झंडे दिखाए गए। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर हमसे सवाल पूछते हैं।

गणपतसिंह ने कहा कि बाहरी नेताओं को स्थानीय संगठन में पद देकर चापलूसी और ड्राइवरी करवाकर उन्हें काम दिया जा रहा है और समर्पित कार्यकर्ताओं की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी के बाप की जागिरी नहीं है कि जो चाहे उसे अपने हिसाब से चलाएगा। इसे रीति-नीति से चलाना होगा।
इसी में भाजयुमो जिलाध्यक्ष हेमंत पुरोहित ने बैठक के दौरान किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष द्वारा हर किसी मंडल की व्यवस्था उन्हें दिए जाने के हस्तक्षेप पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने बंद कमरे में स्वागत समिति बना ली और उस पेपर को यहां बैठक में पढ़कर सुना दिया गया। उन्होंने भी कार्य व्यवस्था में भाजयुमो पदाधिकारी को शामिल करने से पहले उनसे नाम तक नहीं लिए जाने पर आपत्ति जताई।

उन्होंने इसे जिलाध्यक्ष की मनमानी करार दिया। पुरोहित ने कहा कि उन लोगों ने पार्टी के लिए अपना महत्वपूर्ण समय झोंक दिया अब हमें ही नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सबकी भागीदार सुनिश्चित करनी होगी। यह विवाद करीब 15 मिनट तक चला। यह सब विवाद सिरोही सर्किट हाउस में सिरोही विधायक ओटाराम देवासी, जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चैधरी, यूआईटी अध्यक्ष सुरेश कोठारी, सभापति ताराराम माली, तारा भंडारी, नारायण पुरोहित, रक्षा भंडारी समेत सभी मंडलों और मोर्चों के पदाधिकारियों के समक्ष हुआ।
-जिलाध्यक्ष को शांत रहने को कहा
इस विवाद के बीच जिलाध्यक्ष भी अपना पक्ष रखते रहे। इस पर मनोज राजोरिया ने उन्हें शांत रहने को कहा। राजोरिया ने सब बातें सुनने के बाद कहा कि सबका योगदान कार्यक्रम में रहेगा। मुख्यमंत्री ने उन्हें यहां इसीलिए भेजा है। उन्होंने निजी समस्याएं बाद में सुनने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक चावल हाथ में लेते ही पता चल जाता है कि खिचड़ी कैसी बनी है।
-उलझ गए दोनो गणपतसिंह
सांसद मनोज राजोरिया के सामने शिवगंज मंडल अध्यक्ष व किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष गणपतसिंह उलझ गए। सांसद को काले झंडे दिखाए जाने पर मंडल अध्यक्ष गणपतसिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर इसके लिए किसान मोर्चा अध्यक्ष को वजह बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि किसान मोर्चा के लिए जिले में कोई किसान नहीं है क्या जो बाहरी व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस पर किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गणपतसिंह बीच में बोल पड़े। दोनों के बीच जबरदस्त तू-तू मैं-मैं हुई।