मृण शिल्प कला में अजमेर के स्कूली बच्चे होंगे पारंगत


अजमेर।
राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से सोमवार को चार दिवसीय मृण शिल्प कला कार्यशाला का कचहरी रोड स्थित गुजराती सीनीयर सैकंडरी स्कूल में शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में अजमेर के विभिन्न स्कूलों से करीब 80 छात्र छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।

अकादमी की सदस्य ममता चौहान ने बताया कि ललित कला अकादमी के अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास की सोच रही है कि जिन कलाकारों को अब तक संरक्षण और प्रोत्साहन नहीं मिला है उन्हें आगे लाया जाएगा। इसी क्रम में महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर अकादमी व सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय जागृति मंच के संयुक्त तत्वावधान ने अजमेर में पहली बार स्कूली बच्चों के लिए मृण कला की कार्यशाला आयोजित की जा रही है। अगामी 1 दिसंबर को समापन होगा।

कार्यशाला का उदघाटन वरिष्ठ कलाविद श्रीराम जायसवाल, जीसीए के पूर्व प्राचार्य एमएल अग्रवाल, अकादमी के प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा ने ज्योतिबाफुले और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करते हुए शर्मा ने कहा कि कला जगत के लिए मृण कला अनमोल धरोहर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप कला हर घर तक पहुंचनी चाहिए। इस प्रयास को गति देने का काम ललित कला अकादमी पूर्ण सक्रियता के साथ कर रही है।

उन्होंने कहा कि सृष्टि के प्राचीन तत्व मिट्टी की सहज उपलब्धता रही है। कला जगत में मिट्टी का अहम योगदान रहा है। हमारा बचपन मिट्टी में खेलने में गुजरता है। उसी समय घरोंदे बनाना, खिलौने बनाना जैसी कला सहज रूप में विकसित हो जाती है। बडे होने के बाद इस कला में पारंगत होकर मृण शिल्प कला के उत्थान में सहभागी बने यही अकादमी का भी ध्येय है।

कलाविद श्रीराम जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में अकादमी कलाकारों को भरपूर सहयोग कर रही है। अजमेर में मृण कला की कार्यशाला का आयोजन निसंदेह सुपरिणाम देने वाला साबित होगा। इससे नए कलाकारों का हौसला बढेगा साथ ही इस कला का विकास होगा। कार्यशाला में ट्रेनर कृष्णा प्रजापति व उनकी टीम के सदस्य सेवा दे रहे हैं। शिक्षाविद अनुपम भटनागर, सच्चिदानंद संखलकर, प्रहलाद शर्मा, डा ऋतु शिल्पी, निरंजन कुमार, संजय सेठी ने बाल कलाकरों का हौसला बढाया।

इस अवसर पर मामराज सेन, महेश चौहान, सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय जागृति मंत्र की अध्यक्ष एवं पार्षद सुनीता चौहान, अभिलाषा बिश्नोई, शिव बंसल, अजयपाल गहलोत, प्रदीप कछावा, नवीन कछावा, रेखा गहलोत, एडवोकेट बबीता टांक, उर्मिला मारोठिया, इंदु अजमेरा, सुशीला चौहान, मंजु अजमेरा, नीलू शर्मा, विजयलक्ष्मी सिसोदिया, हेमराज सिसोदिया, राजेश अंबानी समेत बडी संख्या में कला क्षेत्र से जुडे गणमान्यजन उपस्थित रहे।