गौरवमयी इतिहास की हमेशा याद दिलाएंगे पेनोरमा : वसुंधरा राजे

CM vasundhara raje inaugurates shri karni mata panorama at deshnok in bikaner

बीकानेर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि युवा पीढ़ी प्रदेश के गौरवमयी इतिहास को जानने के साथ ही महापुरूषों एवं लोक देवताओं के आदर्शों को आत्मसात कर सके, इसी भावना के साथ राज्य सरकार इन महापुरूषों के पेनोरमा तैयार करा रही है।

राजे शनिवार को बीकानेर के देशनोक में श्रीकरणी माता पेनोरमा के लोकार्पण समारोह तथा कतरियासर में श्रीजसनाथ मंदिर एवं माता काल्लदे मंदिर के दर्शन के बाद समारोह में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि करणी माता ने गोरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ ही सामाजिक भेदभाव को दूर करने संदेश दिया। उन्होंने जंगल, गोचर और ओरण भूमि को बचाने के लिए सामाजिक चेतना भी जाग्रत की। पर्यावरण संरक्षण के इन सिद्धांतों का अनुसरण करने से समय पर बरसात नहीं होने जैसी प्राकृतिक समस्याओं से बचा जा सकता हैं।

उन्होंने बीकानेर के कतरियासर में श्रीजसनाथ मंदिर तथा श्रीकाल्लदे माता मंदिर के दर्शन भी किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरू जसनाथ महाराज की तपोभूमि कतरियासर में श्रीजसनाथ पेनोरमा की डीपीआर बनाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।

इससे पहले करणी माता पेनोरमा का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर में महापुरूषों और लोक देवी-देवताओं के 40 से अधिक पेनोरमा बना रही है। इनमें से कई पेनोरमा का काम पूरा भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को इन पेनोरमाओं का अवलोकन करना चाहिए। राजे ने करणी माता मंदिर में दर्शन भी किए तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

लोकार्पण के अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, डॉ. रामप्रताप, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी, सिद्धी कुमारी, प्राधिकरण के सदस्य हुसैन खान, भैरूलाल गुर्जर, कंवल प्रकाश किशनानी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्री करणी माता पनोरमा में इनका रहा योगदान

श्री करणीमाता के जीवन चरित्र, पर्यावरण-संरक्षण, गौधन रक्षा, औरण-रक्षा हेतु श्री करणीमाता के योगदान को इस पनोरमा में प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीकम बोहरा ने इस पेनोरमा की पटकथा लेखन का कार्य किया और प्राधिकरण के सदस्य कंवल प्रकाश किशनानी के परामर्श से अजमेर के जमाल ने पनोरमा में डिस्प्ले का कार्य किया।

इस पनोरमा भवन का निर्माण कार्य प्राधिकरण के अधिशाषी अभियन्ता सुरेश स्वामी के निर्देशन में सहायक अभियन्ता संजय अग्रवाल द्वारा कराया गया। इस पनोरमा में 2 डी फ़ाइबर पेनल मेसर्स आरती आर्ट्स जयपुर के आलोक बनर्जी एवं 3 फ़ाइबर मूर्तियां मेसर्स राजमुकुट मूर्ति क्रियेसंस जयपुर के लक्ष्मीकान्त भारद्वाज के द्वारा बनाई गईं।

श्री करणीमाता पनोरमा देशनोक में 2डी पैनल एवं 3डी स्कल्पचर्स के माध्यम से करणीमाता के जीवन, उपदेशों और चमत्कारों को दर्शाया गया है। दान में प्राप्त 50 लाख रुपए की राशि से आर॰पी॰ संजीव गोयनका सभागार का निर्माण किया गया है। पनोरमा के सामने करणीमाता की 11 फीट खड़ी गन-मेटल की प्रतिमा दानदाता कल्याण सिंह कविया द्वारा लगाई गई है।

पूर्व राजमाता द्वारा महाराजा राय सिंह ट्रस्ट बीकानेर की ओर से इस पनोरमा के लिए दस लाख रुपए, कौशल्या उज्ज्वल व प्रतिभा सारथी द्वारा पांच लाख रुपए, मारवाड़ चारण सभा जोधपुर द्वारा दो लाख इक्यावन हज़ार रुपए और अन्य छह दानदाताओं द्वारा एक एक लाख रुपए दान स्वरुप दिए गए हैं।