CM योगी ने धोए कन्याओं के पैर, अपने हाथ से परोसा भोजन

गोरखपुर। मासूम अनीता के जीवन में इस साल की रामनवमी ताजिन्दगी याद रहेगी क्योंकि आज उसके पांव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने धोए और भोजन कराया।

रामनवमी पर योगी ने पूरे विधि विधान से मंदिर में कन्याओं का पूजन किया तो छोटी-छोटी कन्याएं खुशी से गदगद नजर आई। पूजन प्रक्रिया में मौजूद पांच वर्षीय अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा पांव पखारने और भोजन कराने का यह अनुभव वह जीवन भर याद रखेगी।

इसी क्रम में कुमार संचिंता राज ने कहा कि विश्वास नहीं हो रहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिन्हें हम टेलीविजन पर देखते थे आज उनके पास खडे होकर उनके हाथों से भोजन लिया।

पूजन के समय मौजूद लगभग डेढ सौ कन्याएं बहुत खुश थी और सुसज्जित वेशभूषा में उनका पारम्परिक सम्मान उन्हें वीआईपी होने का बोध करा रहा था।

बतादें कि यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने हमेशा की तरह वासंतिक नवरात्र की नवमी के अवसर पर रविवार को गोरखनाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से परंपरागत रूप से नवमी पूजन किया।

योगी ने एक घंटे तक गोरखनाथ मंदिर में चली पूजन प्रक्रिया में नौ कन्याओं और एक बटुक भैरव की वैदिक मंत्रोचार के बीच की और उन्हें अपने हांथ से परोस कर भोजन कराया।

मुख्यमंत्री सुबह साढे नौ बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और कुछ समय प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के बीच गुजारने के बाद वह मठ स्थित शक्ति पीठ पहुंचे जहां हवन किया।

कन्या पूजन की शुरूआत पूर्वान्ह ग्यारह बजे योगी द्वारा कन्याओं के पांव पखारने से हुई। योगी ने बारी-बारी से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतीक नौ कन्याओं और एक बटुक भैरव का परात में पांव पखारा। इसके बाद उन्हें टीका लगाकर चुनरी ओढाने के साथ आनुष्ठानिक प्रक्रिया सम्पन्न की।

पूजा अर्चना के बाद कन्या भोज कार्यक्रम शुरू हुआ। योगी एक-एक कर सभी नौ कन्याओं और बटुक भैरव के पास गए और उनकी थाली में अपने हाथ से भोजन परोसा। इसी क्रम में उन्होंने पूजन कक्ष में मौजूद अन्य कन्याओं को भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भोजन कराया।

मुख्यमंत्री ने सभी कन्याओं को अपने हाथ से दक्षिणा देकर सम्मान पूर्व विदाई भी किया और इसी के साथ गोरखनाथ मंदिर में गोरापीठाधीश्वर के हाथों होने वाली नवमी की पारंपरिक कन्या पूजन प्रक्रिया सम्पन्न हुई। कन्या पूजन के पहले ब्रह्मुहूर्त में सुबह चार बजे श्रीदुर्गा सप्तसती के पाठ और आरती के साथ मंदिर में देवी के

नौवें स्वरूप सिध्ददात्री की आराधना भी की गई। हालांकि सुबह की पूजा में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ शामिल नहीं हो सके। कन्या पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन हिन्दू धर्म में कुवांरी कन्याओं का पूजन और सत्कार आदि शक्ति मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का पूजन है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में हिन्दू समाज में कन्या भ्रूण हत्या और मातृ शक्ति के साथ होने वाला अपराध पतन की पराकाष्ठा तो है ही, अध्यात्मिक शक्तियों को नकारने जैसा भी है।

योगी ने कहा कि नवरात्र का अनुष्ठान आध्यत्मिक शक्ति के साथ-साथ सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का मजबूत करने का अवसर है और इसे हर सनातन अनुयायी को समझना होगा। मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर से अपरान्ह साढे बारह बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।