मुख्तार अंसारी के समर्थन में पूरा विपक्ष एक

Complete opposite one in support of Mukhtar Ansari
Complete opposite one in support of Mukhtar Ansari

लखनऊ। पंजाब के रोपड़ जेल में दो साल से ज्यादा आराम की जिंदगी गुजारने वाला माफिया डॉन मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी आज तड़के उत्तर प्रदेश के बांदा जेल पहुंच गया लेकिन उस पर शुरू हुई राजनीति में अब उत्तर प्रदेश में पूरा विपक्ष एक नजर आ रहा है।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अपनी राहें जुदा कर चुकी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी मुख्तार के समर्थन में खुल कर सामने आ चुकी हैं। बसपा नेता धर्मवीर सिंह तो यहां तक कहते हैं कि मुख्तार चूकि मुसलमान है इसलिये उसे निशाना बनाया जा रहा है जबकि इस माफिया पर हत्या, लूट, अपहरण, सरकारी जमीन पर कब्जे के 52 मुकदमें चल रहे हैं। वो पहले बांदा जेल में ही बंद था लेकिन पंजाब की पुलिस रंगदारी के एक मामले में उसे पूछताछ के लिये 21 जनवरी 2019 को उसे ले गई थी और तब से वह वहीं आराम की जिंदगी काट रहा था।

उत्तर प्रदेश सरकार को उसे वापस राज्य में लाने के लिये उच्चतम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाना पड़ा। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद ही उसे राज्य में वापस लाया गया है।

मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि उन्हें न्याय पर भरोसा लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार पर नहीं। उन्होंनें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कथित बयान कि गाड़ी तो कहीं भी पलट सकती है का जिक्र करते हुये कहा कि ऐसे बयान डर पैदा करते हैं।

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कहते हैं कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार रहते लगता नहीं कि न्याय मिल पायेगा।

कांग्रेस तो खुल कर मुख्तार के समर्थन में रही है नहीं तो उसे रंगदारी के मामले में दो साल तक पंजाब की जेल में नहीं रखा जाता। विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का मुकदमा भी मुख्तार पर चल रहा है। उनकी पत्नी अलका राय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा को कई पत्र लिखे कि वो मुख्तार को वापस उत्तर प्रदेश भिजवाने में सहयोग करें लेकिन उन्हें कभी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। लेकिन अब गाजीपुर से भाजपा विधायक अलका राय कहती हैं कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश आ गया है। अब उसके खिलाफ चल रहे मुकदमों का ट्रायल पूरा होगा। न्याय के इंतजार में लंबित केस के पीड़ितों को न्याय मिलेगा।

मुख्तार को लेकर राज्य के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कांग्रेस पर करारा वार किया और कहा कि इस माफिया को कांग्रेस ने रिश्तेदार की तरह पाला। उसे बुलेटप्रूफ एंबुलेंस दी और जेल के बगल में बंगले पर रखा। यह साबित करता है कि कैसे कांग्रेस नियम कायदे को ताक पर रख कर अपराधियों की मदद करती है। उन्होंनें कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती हैं लेकिन मुख्तार को लेकर एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने यूपी के एक और अपराधी को शरण दे रखी है जो पुलिस की सुरक्षा में गेस्टहाऊस में आराम की जिंदगी जी रहा है।

पंजाब ले जाये जाने पहले मुख्तार बांदा जेल में ही बंद था जहां उसे बहुत सुविधा मिली हुई थी लेकिन अब उसे जेल मैनुअल के हिसाब में रहना होगा। जेल का खाना, खाना होगा और जेल का पानी पीना होगा।