वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में रियायती दरों की सुविधा नहीं दी जा सकेगी: वैष्णव

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अजमेर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि देश के वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में रियायती दरों की सुविधा नहीं दी जा सकेगी।

अजमेर दौरे पर आए श्री वैष्णव ने भारतीय जनता पार्टी जिला मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने तर्क दिया कि रेलवे पहले ही अपने किराये की टिकट दर में पचास प्रतिशत से कम की राशि ले रहा है और रेलवे के खर्चे पूरे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्यों को रियायती सुविधा दिया जाना फिलहाल संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि रेलवे पहले ही 58 हजार करोड़ रुपए पेंशन पर, 97 हजार करोड़ रुपए वेतन पर, 40 हजार करोड़ रुपए बिजली पर और न जाने कितने करोड़ों रुपए अन्य मदों में खर्च कर रहा है और यात्रियों से रेलवे टिकट पर सौ रुपए के स्थान पर महज 45 रुपए ही ले रहा है। इससे अंदाजा लगा लेना चाहिए कि रेलवे अपने यात्रियों को पहले ही कम दरों में सुविधाजनक यात्रा की सुविधा दे रहा है।

वैष्णव ने कहा कि अजमेर जंक्शन को देश के 200 विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशनों में शामिल किया गया है। यहां सभी धर्मों के लोग आते जाते हैं। ऐसे में अजमेर जल्द ही विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले रेलवे स्टेशन में शुमार होगा। उन्होंने अपना जन्म राजस्थान के पाली में होना बताते हुए कहा कि राजस्थान से उनका नाता रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अजमेर के प्रति लगाव रखते हैं। ऐसे में अजमेर से वंदे भारत ट्रेन भी अप्रैल-मई 2023 के मध्य शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि अजमेर से संचालित किसी एक ट्रेन को सम्मान की दृष्टि से उसका नाम पृथ्वीराज चौहान पर रखने का प्रस्ताव भी जल्द पूरा किया जाएगा। अजमेर के पुष्कर से मेेेड़ता रेल लाइन लंबित होने के मामले पर उन्होंने कहा कि पुष्कर-मेड़ता लाइन को जोड़ने के लिए सर्वे व डीपीआर काम पूरा हो चुका है जिसका अनुमोदन शीघ्र प्रधानमंत्री के साथ पूरा होगा और यह सौगात भी अजमेरवासियों को जल्दी मिल जाएगी।

एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे की जमीनों को विकास के लिए प्राथमिकता पर रखा जाता है और जहां जरुरत पड़ती है वहां उसका व्यवसायिक उपयोग किया जा सकता है। अजमेर के दौराई रेलवे ब्रिज के काम को भी उन्होंने शीघ्र पूरा किए जाने का आश्वासन दिया।

उन्होंने राजनीतिक सवालों के भी जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान की वर्तमान सरकार में कहीं भी राष्ट्र निर्माण अथवा राजस्थान निर्माण की सोच नहीं है। प्रदेश के सात से आठ परीक्षाओं में परीक्षा प्रश्न पत्र लीक करके अथवा करवाए जाकर लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। यहां का युवा स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है जबकि केंद्र की मोदी सरकार रोजगार मेलों के जरिए दस लाख लोगों को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिए जाने की मुहिम चला रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में 25-50 साल आगे की सोच के साथ योजना को मूर्त रूप देते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में राजस्थान प्रदेश को रेलवे के लिए 682 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए थे लेकिन मोदी सरकार में दूर की सोच के साथ यह राशि दस गुना बढ़ाकर 7565 करोड़ रुपए आवंटित की गई है। मोदी की सोच के लिए ही उनकी विश्व में पहचान है।

राजस्थान में आने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में संगठन नेतृत्व जो तय करता है वही मुख्यमंत्री का चेहरा होता है लेकिन इतना तय है कि आने वाले चुनाव में राजस्थान में परिवर्तन निश्चित है।

अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के दस लाख युवाओं को रोजगार देने के दूसरे चरण के तहत रोजगार मेले में शिरकत करने आए वैष्णव यहां रेलवे के कैरिज एवं लोको कारखानों का निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अजमेर रेलवे कारखानों को वंदे भारत ट्रेन रखरखाव का कार्य सौंपा जाएगा जिसके लिए रेलवे बोर्ड से सात आठ महीने में ही स्वीकृति जारी कर दी जाएगी।

इस अवसर पर सांसद भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। इससे पहले वैष्णव ने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ भी संवाद किया और मोदी सरकार की योजनाओं और उनकी सोच को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।