जम्मू-कश्मीर में अनेक हिस्सों में हालत सामान्य

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को कहा कि राज्य में अनेक क्षेत्रों में हालत सामान्य हैं और 22 में से 12 जिलों में सामान्य कामकाज की रिपोर्टें मिली हैं।

आधिकारिक प्रवक्ता और नियोजन तथा विकास विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने यहां पत्रकारों को बताया कि राज्य के 197 पुलिस थाना क्षेत्रों में से 136 में अब दिन में कोई प्रतिबंध नहीं हैं।

कंसल ने कश्मीर घाटी की स्थिति पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि माध्यमिक स्कूलों में बुधवार से अध्यापन कार्य शुरू हो जाएगा। इन क्षेत्रों में सोमवार से ही प्राइमरी स्कूल खुल गए हैं।

कंसल ने कहा कि जिन क्षेत्रोें में प्रतिबंध में राहत दी गई है वहां यातायात परिचालन सामान्य तरीके से हाे रहा है और अंतर जिला यातायात भी चालू है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग और हवाई अड्डाें का परिचालन भी सामान्य है।

कश्मीर घाटी में स्टाक और आपूर्ति की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि यहां आवश्यक वस्तुओं की कोई कमीं नहीं है तथा कुछ ही दिनोें में उपभोक्ताओं को 13,287 एलपीजी सिलेंडर भी वितरित किए गए हैं।

कंसल ने बताया कि 93,000 लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन में से 73,000 टेलीफोन कनेक्शन सामान्य तौर पर काम कर रहे हैं आैर अन्य लैंडलाइन जल्दी ही काम करना शुरू कर देंगे।

अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के बाद प्रशासन ने साेमवार को पहली बार प्राथमिक स्कूलाें को खोलने का आदेश दिया, लेकिन ज्यादातर छात्र स्कूल नहीं आए, हालांकि सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले की कक्षाओं में छात्रों की संख्या अधिक देखी गई।

शिक्षा निदेशक (कश्मीर) ने बताया कि सोमवार को स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति शून्य से 40 फीसदी तक देखी गई। बुधवार से माध्यमिक स्कूलों को भी खोला जा सकता है। अभिभावकों ने कहना है कि संचार नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण वे बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा मोल नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि स्थिति में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और यह काेई नहीं जानता है कि कक्षाएं फिर कब बंद हो जाएं।

श्रीनगर और बाहरी इलाकों में लगातार 16वें दिन मंगलवार को दुकानें और व्यवसायिक संस्थान फिर से बंद रहे और यातायात सड़कों से नदारद रहा। शहर में नए इलाकों और सिविल लाइंस इलाकों में निजी वाहन और ज्यादतर दुपहिया वाहन चलते नजर आए।

सिविल लाइंस और नए शहर के अधिकतर सड़कों से अवरोधकों को हटा लिया गया है तथा सैकड़ाें सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस कर्मियों को शांति बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।

श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक को नागरिकों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया है। लाल चौक के चाराें ओर लगाये गये कंटीले तारों को हटा लिया गया है। दुकानें एवं व्यावसायिक संस्थाने फिर से बंद रहे। सरकारी कार्यालयों और बैंकों में भी इसका असर देखा गया, हालांकि अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति देखी गई।

राज्य के अन्य जिलों और घाटी में तहसील मुख्यालयों में बंद की रिपोर्ट आ रही है। संचार व्यवस्था बंद होने के कारण इन जिलों में वास्तिवक स्थिति के बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार शहर के विभिन्न हिस्सों में रातभर मारे गए छापे में 24 से अधिक युवा को गिरफ्तार किया गया है। कश्मीर में चार अगस्त की मध्य रात्रि से इंटरनेट और सभी कंपनियों की मोबाइल सेवाएं बंद है। नए शहरों के कुछ हिस्सों में बीएसएनएल की लैंडलाइन सेवाओं को बहाल किया गया है, मीडिया हाउस और पत्रकारों के लैंडलाइन बंद हैं।

इसके अलावा निजी इंटरनेट सेवा के प्रदात्ताओं के कार्यालयों को भी बंद किया गया है। प्रशासन ने घाटी में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सेटलाइट फोन जारी किए हैं। सुरक्षा कारणों से पांच अगस्त से ट्रेन सेवाएं भी बंद है।

हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के अध्यक्ष मीरवाईज और सईद अली शाह गिलानी को नजरबंद किया गया है। इसके अलावा राज्य के पूर्व दो मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को पांच अगस्त सेे नजरबंद किया गया है। हालांकि मुख्यधारा के कई वरिष्ठ राजनेता घर पर नजरबंद है या फिर जेल में बंद हैं।