राजस्थान में लॉकडाउन को लेकर असमंजस, गहलोत ने दिए सख्ती के संकेत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य मेंं फिलहाल लॉकडाउन लगाने से इन्कार करते हुए कहा कि सरकार राज्य में कोरोना की स्थिति पर पूरी नजर रखे है।

गहलाेत ने रविवार को हुई बैठक में कहा कि राज्य में पिछले लॉकडाउन में आम जन को बहुत तकलीफ हुई थी, इसलिए अभी लॉकडाउन को लेकर विचार विमर्श जारी है। हालांकि इस मुद्दे पर विशेषज्ञ दल में शामिल ज्यादातर लोग एक हफ्ते से लेकर 15 दिनों के सख्त कर्फ़्यू के पक्ष में थे। उन्होंने कहा कि हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए कड़ाई बहुत जरूरी है, लेकिन सभी की सहमति से ही फैसला लिया जाएगा।

गहलोत ने अगले कदम केे बारे में किसी तरह का इशारा नहीं किया, लेकिन कुछ सख्ती के संकेत देते हुए कहा कि लोग मास्क कम लगाते हैं, अतः अब जुर्माना बढ़ाना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना कुंभ, गुजरात और महाराष्ट्र के नागरिकों के कारण ज्यादा फैल रहा है। बैठक के बाद गहलोत ने शाम को होने वाली प्रेस कांफ्रेंस रद्द कर दी।

इससे पहलेे राजस्थान में कोरोना से बिगड़ते हालात को लेकर गहलोत ने बैठक में विचार विमर्श किया। रविवार शाम एक घंटा 53 मिनट तक अधिकारियों, राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर उन्होंने मंथन किया।

विचार-विमर्श के बाद वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। लॉकडाउन जारी रहेगा या नहीं, इस पर कुछ नहीं बोले। उन्होंने इतना जरूर कहा कि पहले भी हमने सबकी सलाह से फैसले किए हैं। आगे भी कोई फैसला सबकी सलाह से होगा।

गहलोत ने कहा कि कोरोना की भयावह हालत है। सच्चाई का सामना नहीं करेंगे, तो स्थिति पर नियंत्रण नहींं कर पायेंगे। पिछली बार की तरह ही जनता सहयोग करे। इस बार भी जनता सहयोग करेगी। अगर बाहर निकलना पड़े, तो बिना मास्क न निकलें।

बिना मास्क निकलने पर जुर्माना बढ़ाना पड़ेगा। सिंगापुर में बिना मास्क पाए जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना है। जहां सख्ती हुई है, वहीं कोरोना कंट्रोल हुआ है। कोरोना बढ़ गया, तो भारत सरकार भी ऑक्सीजन और दवा की आपूर्ति नहीं कर पाएगी।

बैठक में स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाग गर्ग ने कहा कि 15 दिन तक कर्फ्यू को सख्ती से लागू करें, अन्यथा संक्रमण की गति नहीं रोक पाएंगे। इससे पहले​​​​​​, ​आरयूएचएस कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी सहित कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने 2-3 सप्ताह का लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया।