कांग्रेस में आॅडियो-वीडियो वार तेज, ब्लाॅक अध्यक्षों ने बताया ये नेता प्राथमिक सदस्य नही

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photo from video of press conffrence by chandansingh deoda in 2014

सबगुरु न्यूज-सिरोही। कांग्रेस के प्रदेश सहप्रभारी विवेक बंसल के सामने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के विरोध के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस के संयम लोढ़ा गुट और उनके विरोधी गुट के बीच आॅडियो-वीडियो वार तेज हो गई है। सवेरे विरोधी गुट के अनाराम बोराणा ने वीडियो और पुखराज गहलोत ने आॅडियो मैसेज वायरल किया तो लोढा समर्थकों ने शाम को पुराने वीडियो वायरल किया।

इधर, सिरोही और पिण्डवाड़ा ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्षों ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि सिरोही की पूर्व सभापति जयश्री राठौड़ छह साल से पार्टी से निष्कासित हैं तो चंदनसिंह देवड़ा कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की कार्यप्रणाली और जीवाराम आर्य की जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का विरोध करने वाले कांग्रेसियों के वीडियो मैसेज भाजपा सिरोही के महामंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस में मैसेज वार तेज हो गई। लोढ़ा समर्थकों ने कई फोटो वायरल करके यह बताया कि विरोध में शामिल अधिकांश लोगों को भाजपा, शिवसेना और ओटाराम देवासी से संबंध है।

इसके बाद गुरुवार सवेरे पूर्व जिला प्रमुख अनाराम बोराणा ने सिरोही ब्लाॅक अध्यक्ष के विहिप और बजरंग दल से समर्थित होने की बात कही। वहीं पुखराज गहलोत ने अपने आॅडियो में यह कसम खाई कि विरोध करनेवाले सभी लोग कांग्रेस के नारे लगा रहे थे, लेकिन इनमें से किसी ने इस बात का खंडन नहीं किया कि लोढ़ा समर्थित गुट में दिखाए लोगों को भाजपा और शिवसेना से संबंध है या नहीं।

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इसी कड़ी में गुरुवार शाम को सिरोही ब्लाॅक अध्यक्ष किशोर राजपुरोहित ने प्रेसनोट जारी करके बताया कि इस विरोध में शामिल सिरोही की पूर्व सभापति जयश्री राठौड़ को प्रदेशा कांग्रेस सचिव राजेन्द्र सांखला की पत्नी और कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ सिरोही नगर परिषद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के कारण पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह 2013 में ओटाराम देवासी का प्रचार कर रही थी और उनकी जीत के जश्न में शामिल हुई थी। राजपुरोहित ने बताया कि श्रीमती राठौड़ कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विवेक बंसल के सामने शिवसेना का जिला उप प्रमुख हीराभाई जोडिया, भाजपा नेता अरविंद चारण भी पेश हुए थे।

वहीं पूर्व जिला प्रमुख चंदनसिंह देवड़ा द्वारा 2014 में जेके लक्ष्मी सीमेंट की इंटक यूनियन का विलय आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ में किए जाने के समय की गई प्रेस काॅन्फे्रंस का वीडियो भी वायरल किया गया है।

इधर, एक समुह में पिण्डवाड़ा के पूर्व पालिकाध्यक्ष अचलसिंह बालिया की ओर से जारी पोस्ट में दावा किया गया है कि चंदनसिंह आज भी कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र बहाल करने को लेकर अपनी बात पर कायम हैं। इस पोस्ट में लिखा है कि चंदनसिंह देवड़ा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था और उन्होंने आज तक किसी दूसरे राजनीतिक दल की सदस्यता स्वीकार नहीं की है।

इस पोस्ट में लिखा है कि इस पोस्ट में जीवाराम आर्य को जिलाध्यक्ष बनाने वाले नेता का नाम लिखे बिना कई आरोप लगाते हुए उनसे अपने कृत्यों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग कर प्रायश्चित करने की बात भी लिखी है।
कांग्रेस पिण्डवाड़ा ब्लाॅक अध्यक्ष प्रेमाराम देवासी ने प्रेसनोट जारी करके बताया कि पूर्व जिला प्रमुख चंदनसिंह देवड़ा कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य भी नहीं है। इसमें यह भी आरोप लगाया कि देवड़ा ने जिस इंटक संस्थान से वह दो दशक से जुडे हुए थे उसकी संपूर्ण ईकाई को 2014 में ही भाजपा-आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ में विलय कर दिया गया था।