सिलचर। असम के सिलचर में हुए निकाय चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। खास बात यह है कि चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ था, इसके बावजूद कांग्रेस महज दो सीटों पर सिमट गई। वहीं भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 सीटों पर कब्जा जमाया। नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तंज कसा है।
सिलचर निकाय चुनाव का पूरा परिणाम
सिलचर के कुल 42 वार्डों में से 40 वार्डों के लिए 3 अक्टूबर को मतदान हुआ था। वार्ड संख्या 9 और 20 में भाजपा उम्मीदवार बिजेंद्र प्रसाद सिंह और भक्ति सेन तालुकदार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। सभी सीटों को मिलाकर चुनाव परिणाम इस प्रकार रहा:
भाजपा — 32 सीटें
असम गण परिषद (एजीपी) — 2 सीटें
कांग्रेस — 2 सीटें
निर्दलीय — 6 सीटें
कुल — 42 सीटें
इस तरह भाजपा ने अकेले ही दो-तिहाई से ज्यादा वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और एजीपी को मिलाकर सिर्फ चार सीटें मिलीं।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर कसा तंज
नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने कांग्रेस के ईवीएम विरोध को लेकर भी कटाक्ष किया।
सरमा ने कहा कि कांग्रेस ईवीएम पर भी हारती है और बैलेट पेपर पर भी उसे हार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिलचर के करीब 10 ऐसे वार्ड थे, जहां कांग्रेस को अल्पसंख्यक मतदाताओं के समर्थन से जीत की उम्मीद हो सकती थी, लेकिन वहां भी पार्टी सफल नहीं रही।
कांग्रेस लगातार उठा रही है बैलेट पेपर का मुद्दा
सिलचर के नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 30 सितंबर को चुनाव व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत करने की जरूरत बताते हुए बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। उन्होंने मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटने, दस्तावेजों की कमी और नए मतदाताओं के पंजीकरण जैसी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया था।
ऐसे में बैलेट पेपर से हुए सिलचर निकाय चुनाव में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन असम की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा के 32 सीटों पर जीत दर्ज करने से पार्टी ने स्थानीय निकाय में अपना दबदबा मजबूत किया है।



