दलितो आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति कांग्रेस उदासीन: पासवान

Congress is indifferent to Dalits, tribals and backward: Paswan
Congress is indifferent to Dalits, tribals and backward: Paswan

नयी दिल्ली । लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख एवं केंन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कांग्रेस पर दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गो के प्रति उदसीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि आजादी के बाद लम्बे समय तक सरकार में रहते हुए उसने इन वर्गो के विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किये।

पासवान ने यहां कृषि भवन में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्रालय के जिम (व्यायामशाला) का उदघाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि चुनाव आने पर कांग्रेस दलितों ,आदिवासियों और पिछड़े वर्गो की समस्याएं उठाने लगती है लेकिन इसके बाद इनके विकास के मुद्दों को भूल जाती है।

उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की चर्चा अधिकतर राजनीतिक दल करते हैं लेकिन वर्षो तक संसद भवन में उनका चित्र नहीं लगाया गया। वी पी सिंह सरकार के दौरान 1990 में संसद भवन में डा अम्बेडकर का चित्र लगाया गया।

लोजपा नेता ने दलितों पर हो रहे अत्याचारों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी दल इस मुद्दे को उठाते हैं लेकिन अत्याचार रोकने के लिए कानून बनाने का प्रयास नहीं किया गया और वीपी सिंह सरकार के दाैरान ही पहली बार देश में अनुसूचित जाति ,जनजाति अत्याचार निवारण कानून बनाया गया और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कानून को और कठोर बनाया।

पासवान ने कहा कि पिछले मार्च में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गये एक फैसले के कारण यह कानून कमजोर हुआ जिस पर कांग्रेस के नेताओं ने कुछ भी नहीं कहा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और लोकसभा में इसी पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे पर गंभीरता से अपनी राय रख सकते थे लेकिन दोनों में से किसी ने कुछ नहीं कहा।

उन्होंने बताया कि मोदी ने लोगों से अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून को और कड़ा बनाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा इस संबंध में संशोधित विधेयक संसद के चालू सत्र के दौरान ही पेश किया जायेगा। उन्होंने इस संबंध में कदम उठाने के लिए अपनी पार्टी और दलित सेना की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

लोजपा नेता ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि संसद में सभी राजनीतिक दल संशोधित विधेयक का समर्थन कर इसे जल्द पारित करेंगे। इससे पूर्व व्यायामशाला का उदघाटन करते हुए उन्होंने कहा कि व्यायाम और योग स्वास्थ्य के लिए जरुरी है और वह पिछले 40 साल से इसका लाभ ले रहे हैं। इस व्यायामशाला में मंत्रालय के अधिकारी एवं कर्मचारी आधुनिक मशीनों से व्यायाम कर सकेंगे।