कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के हाथों से सरकी फूलों की टोकरी!


अजमेर।
ख्वाजा साहब की दरगाह में हाजिरी लगाकर मखमली चादर एवं अकीदत के फूल पेश करने के दौरान राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

हुआ यूं कि जब सिंह जियारत को दरगाह में मजार की ओर बढ रहे थे तभी हाथ में थामी चादर के उपर रखी गुलाब के फूलों की टोकरी अचानक नीचे गिर गई। वीडियो में साथ दिखाई दे रहा है कि साथ चल रहे लोगों ने फानन फूलों को समेटा। इस घटना को लेकर लोग अलग अलग कयास लगा रहे हैं।

इस बीच राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन रहने पर हमला बोलते हुए कहा है कि धर्म के नाम पर देश में दंगे फसाद हो रहे हैं। मोदी एक शब्द नहीं बोलते।

उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक उन्माद फैलता है, नफरत फैलाई जाती है लेकिन मोदी एक शब्द नहीं बोलते। ऐसे मामलों और हालातों पर जो भी दोषी हो सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें सत्ता की नहीं देश की चिंता है। आज देश में हालात बिगड़ते जा रहे।

सामाजिक समरसता नहीं होना बड़ी चिंता का विषय है। कांग्रेस संगठन पूरे देश में अपना एजेंडा गरीब, किसान, मजदूर के लिए लागू करना चाह रही है इसलिए हम संघर्ष कर रहे है। देश में पैसे का अवमूल्यन हो रहा है, गरीबी बढ़ती जा रही है, गरीब और ज्यादा गरीब हो रहा है, करोड़पति अरबपति बन रहा है, अरबपति खरबपति बन रहा है, हालात चिंताजनक है। उन्होंने कोरोना का रिलीफ भी गरीबों तक नहीं पहुंचने की बात कहते केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

सिंह ने कहा कि बुल्डोजर चलाना है तो महंगाई-बेरोजगारी पर चलाओ, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ चलाओ लेकिन आज भाजपा की सरकार संघ के इशारे पर ध्यान भटकाने का काम कर रही है जिससे वैमनस्यता और बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक उन्माद भाजपा का सबसे खतरनाक राजनीतिक हथियार है। सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अखंड भारत का मतलब पाकिस्तान का भारत में मिलना है जिसका जवाब प्रधानमंत्री मोदी को देना चाहिए।

सिंह आज पूर्व विधायक डॉ राजकुमार जयपाल के यहां विवाह कार्यक्रम में शिरकत करने आए। उन्होंने यहां ख्वाजा साहब की दरगाह में हाजिरी लगाकर मखमली चादर एवं अकीदत के फूल पेश किए। पुष्कर पहुंचकर उन्होंने पवित्र सरोवर की पूजा अर्चना की एवं ब्रह्मा जी के दर्शन किए।