आर्थिक मंदी से उबरने के लिए न्याय योजना : घनश्याम तिवाड़ी

अजमेर। राजस्थान में वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने कहा है कि वर्तमान में देश आर्थिक मंदी के दौर में चल रहा है और इससे उबरने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने चुनावी घोषणा पत्र के जरिये न्याय योजना लोगों के सामने लाए हैं।

भारतीय जनता पार्टी छोड़कर नई पार्टी बनाने के बाद हाल में कांग्रेस में आए तिवाड़ी आज अजमेर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रुस के बाद गरीब और अमीर की खाईवाला अंतर भारत में है। इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी का काल नोटबंदी और वस्तु सेवा कर के कारण ही आया है।

उन्होंने कहा कि भारत में लोकराज लोकजन से चले, इसके लिए ही कांग्रेस न्याय योजना की शुरुआत कर चुकी है। सत्ता में आते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। देश के पांच करोड़ परिवार के बीस करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा, जिसके जरिए आम लोग सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। साथ ही देश से मंदी भी समाप्त होगी।

उन्होंने कहा कि इसके लिए किसी तरह का कोई नया टैक्स भी नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रति वर्ष जनता के समक्ष सामाजिक अंकेक्षण भी होगा। उन्होंने इसे आर्थिक न्याय के लिए सबसे बड़ा कदम बताते हुए कहा कि देश में न्यूनतम आय गारंटी तो होनी ही चाहिए।

उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि देश का व्यापार और उद्योग लालफीताशाही की चपेट में है। इससे उबरने के लिए किसी नए कारोबारी को तीन साल तक लाईसेंस अथवा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उद्योगों को पनपाने के लिए आयोग का भी गठन किया जाएगा।

किसानों की कर्जमुक्ती के लिए भी अलग से सालाना बजट लाने, ऋण नहीं चुकाने की स्थिति में मुकदमा दर्ज नहीं कराए जाने जैसे प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में चल रही सरकारी नौकरी की रिक्तियों को दो साल के भीतर भर दिया जाएगा।

तिवाड़ी ने मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में रिजर्व बैंक की इच्छाओं के विपरित नोटबंदी की गई, जिससे पीड़ित होकर गवर्नर तक को पद से हटना पड़ा। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के महासचिव ललित भाटी भी मौजूद थे।