प्रियंका वाड्रा ने रोड शो कर सोनिया गांधी के लिए मांगा समर्थन

रायबरेली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को संसदीय क्षेत्र रायबरेली में नुक्कड़ सभा एवं रोड शो के जरिए अपनी मां सोनिया गांधी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

वाड्रा सर्वप्रथम फुलवास पहुंचीं जहां उनका स्वागत किया गया। बाद में उन्होंने महराजगंज, हलोल, ओसाह, गुधा(शिवगढ़) एवं बछरांवां में भी विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत किया। बछरावां में जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग राष्ट्रवाद की बात करते हैं लेकिन आज की समस्याओं पर बात नहीं करते हैं। पाकिस्तान से देश को सुरक्षित रख रहे हैं तो हम खुश हैं मगर किसानों का खेत भी सुरक्षित रखना चाहिए।

उन्होने कहा कि यहां की जनता ही देश है और जब जनता आपकी आलोचना कर रही है, अपनी परेशानियां बता रही है और आप उसे सुन नहीं रहे हैं तो यह राष्ट्रवाद नहीं है। मोदी जी को जनता की समस्याएं कान खोलकर सुननी चाहिए थीं। यह कैसा राष्ट्रवाद है जहां पर आप किसानों को नकार देते हैं। युवाओं को नकार देते हैं। महिलाओं की समस्याओं को नकार देते हैं।

उन्होंने सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि अन्ना पशुओं से परेशान किसानों के हित में अवारा पशुओं से बचाव के लिए सरकार ने बाड़े क्यों नहीं बनाए। अब चुनाव आ गये हैं, तो कुछ जगहों पर ये बाड़े बना रहे हैं लेकिन हास्यास्पद एवं चिन्ताजनक बात यह है कि पशुओं को खुले धूप में खड़ा कर दिया जा रहा है, न पानी है न चारा है।

रायबरेली में सोनिया गांधी के द्वारा कराये गये तमाम विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि 6 हाईवेज, तमाम फ्लाईओवर्स, एम्स, नेशनल थर्मल पावर स्टेशन, रेल कोच फैक्ट्री आदि तमाम बड़े कार्य उन्होंने करवाए।

सांसद निधि से होने वाले छोटे कार्य जैसे सड़क, सोलर लाइट, पाठशालाओं में कमरे आदि कार्य इन पांच सालों में हुए लेकिन बड़े कार्य नहीं हो पाए क्योंकि सरकार बीजेपी की है जो गलत नियत से सोनिया गांधी द्वारा कराए गए कार्यों को भी रोक दिया।

वाड्रा ने कहा कि झूठे वादे बहुत किए गए, किसानों से आय दुगुनी करने की बात कही गयी, 15 लाख हर खाते में भेजने की बात कही गयी, युवाओं को प्रतिवर्ष दो करोड़ रेाजगार देने की बात कही गई लेकिन सारे वादे झूठे एवं जुमले साबित हुए। कांग्रेस पार्टी झूठे वादे नहीं करती है। भदोही के एक पुल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हम झूठे वादे करने से डरते हैं क्योंकि बाद में जनता को जवाब देना पड़ता है।