यहां है कोरोना वायरस फैलाने वाले सांपों की मंडी, जहां बिकते हैं हर तरह के सांप

पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में आ चुकी है। इस वायरस ने सभी को हिला कर रख दिया है। इसके कारण दुनिया भर में करीब 40,554 लोगे इसके शिकार हो चुके हैं। इसके कारण ही करीब 910 लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं।

इसकी शुरुआत में वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि यह वायरस सांपों के जरीए इंसान में फैला। चीन के वुहान और इंडोनेशिया में सांपों का बाजार लगता था। बड़ी मात्रा में जिंदा और मुर्दा सांपों की बिक्री होती थी, जो अब बंद है।

जहां पहले चीन में खाने-पीने को लेकर कोई पाबंदी नहीं थी, लेकिन कोरोनावायरस के फैलने के बाद अब चीन ही नहीं अपितु इंडोनेशिया में भी जानवरों के बाजार बंद है। इंडोनेशिया में तो सांपों का बाजार लगता था। इन सांपों के हर अंग का व्यापार होता था।

आपको बतां दे कि सांपों के जहर की दवाइयां बनती हैं और इनकी खाल से बैग्स और एसेसरीज। सांपों की खाल से बनने वाले बैग्स बहुत कीमत होते हैं। इनकी कीमत करीब 2.21 लाख रुपए से भी ज्यादा होती है।

इंडोनेशिया के सिरेबॉन के केर्तासुरा गांव में ऐसी ही एक मंडी है, जहां जीवित सापों और उनके अंगों का व्यापार होता है। हालांकि कोरोनावायरस फैलने के बाद से यह मंडी बंद है।

यहां सापों को मारने और उनकी खालों को उतारने के लिए बेहद निर्दयी तरीके अपनाए जाते हैं। सांपों की खाल निकालने के लिए उनके अंदर रॉड डाल दिए जाते हैं।

इसके बाद खालों को निकालकर गोल-गोल लपेटकर खरीदारों के लिए रखा जाता है, ताकि बैग्स और एसेसरीज बनाने वाले अपनी पसंद के खाल को चुन सकें। यहां हर रंग और पैटर्न की खाल मिलती है।

इंडोनेशिया में सांपों को मारने का सबसे आसान तरीका है, उसका सिर कुचल देना। उसके बाद एक सांप के आकार का पाइप लेकर उसके मुंह से पूंछ तक डाल दिया जाता है. फिर सांप के अंदर पानी भर दिया जाता है।

10 मिनट या उससे थोड़ा ज्यादा देर तक वैसे ही रखा जाता है। फिर थोड़ी देर खाल को खींचकर निकाल लिया जाता है। इसके बाद सभी सांपों के खालों को गोल लपेट कर भट्टी में डाल दिया जाता है।

सिर्फ यही इतना नहीं जब सांप की खाल को भट्टी से निकालकर उसे बीच से काट दिया जाता है। काटने के बाद उसे धूप में रखकर सुखाया जाता है।

सांप के अंगों का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों की दवाइयां बनाने में किया जाता है। जिनमें दमा और त्वचा संबंधी बीमारियों शामिल है। इसलिए उन्हें भी बेहद संभालकर रखा जाता है। कुछ लोग सांपों के अंगों से बनी दवाइयों को शक्तिवर्धक के रूप में भी लेते हैं।

इंडोनेशिया और चीन में ऐसे कई बाजार है। जहां जानवरों के साथ अत्याचार होता है। सांप ही नहीं बल्कि कई जीव-जंतुओं के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है। चीन के वुहान में जानवरों के बाजार में 112 किस्म के जीवित जानवर मिलते थे।