राजस्थान में कोरोना से जारी युद्ध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता भी जुटे

8213 स्वयंसेवकों ने मोर्चा सँभाला
कोरोना वॉरियर्स के सहयोगी बने स्वयंसेवक
एस एम एस हॉस्पिटल में उपलब्ध करवाए 5 हजार मास्क
898 शाखाओं से हो रहे हैं सेवा व जागरण के अनेक कार्य

जयपुर। वैश्विक बीमारी कोरोना को खत्म करने की लड़ायी में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता राज्य में स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचा रहे हैं।

राजस्थान के संघचालक डा रमेश अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान में 898 शाखाओं के माध्यम से 8213 स्वयंसेवकों द्वारा लगभग डेढ़ लाख परिवारों की गत 15 मार्च से लगातार सेवा की जा रही है।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा कार्य के साथ साथ सोशल मीडिया पर जन जागरण, यातायात संचालन, मास्क व सेनेटाईजर का निर्माण एवं वितरण करना सहित अन्य कई जनहित कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं।

हाल ही में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मास्क की कमी होने की स्थिति में स्वयं सेवको ने अपने परिजनों से पांच हजार मास्क बनवाकर उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में कोरोना महामारी से उपजे दुष्प्रभाव के साथ सेवा कार्यों की व्यापकता एवं विविधता भी बढ़ती जा रही है। स्वयंसेवक प्रत्येक जिले में सभी स्तरों पर प्रशासन से संवाद, सहयोग व समन्वय करते हुए कई प्रकार के सेवा कार्य बिना भेदभाव के कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर स्व: प्रेरणा से स्वयंसेवक जन सहभागिता करते हुए ट्विटर पर सेवा फॉर सोसाइटी (#sev4socity) तथा इंडिया थैंक्स (#india Thanks) नामक ट्वीट के द्वारा कोरोना के योद्धाओं का अभिनंदन से समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं तथा भ्रामक अफवाहों के चलते पलायन कर रहे प्रवासी श्रमिकों को भी समझाकर जो जहां हैं वहीं रहने के लिए भी तैयार किया गया।

राजस्थान में वंचित वर्ग व घूमन्तु बस्तियों में प्रतिदिन भोजन पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। पूरे राजस्थान में 5 दिन से 20 दिन तक की सूखी सामग्री के 65 हजार 33 राशन सामग्री के किट वितरित किए गए हैं। पशु पक्षियों के लिए चारा-चुग्गे की व्यवस्था में भी कई स्वयंसेवकों की टोलियां लगी हुई हैं।

भ्रामक अफवाहों के चलते पलायन कर रहे प्रवासी श्रमिकों को समझाकर जो जहां हैं वहीं रहने के लिए भी संघ कार्यकर्ताओं ने तैयार किया गया। स्थानीय प्रशासन से वार्ता कर आबूरोड, जालोर, बाड़मेर, प्रतापगढ़, उदयपुर ग्रामीण के सायरा प्रखंड, सांगानेर, दौसा, भरतपुर आदि स्थानों पर प्रवासी श्रमिकों के भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ उनके परिवार की संभाल भी की गई।

श्रमिकों के पलायन व तबलीगी जमात के देश भर में फैलाव के कारण से सामाजिक संक्रमण न फैले, इसके लिए कई स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग किया जा रहा है। चिकित्सकों के नंबरों की एवं हेल्पलाइन नंबरों की सूची उपलब्ध करवाई जा रही है अजमेर व जयपुर की इकाई में सतत रक्तदान का कार्य भी चल रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख शिवलहरी के अनुसार संघ अपने प्रारंभिक काल से ही अपने सेवा कार्य सम्पूर्ण मानवता के लिए बिना भेदभाव के पीडि़तजन तक पहुंचाता रहा है, जिन्हें आपदा में सबसे अधिक आवश्यकता रहती है। चाहे वह किसी भी जाति, मत, पंथ का ही क्यों न हो।

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