चेतावनी! लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले अब भेजे जाएंगे क्वारंटाइन केन्द्र

नई दिल्ली। देश के कुछ हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाते हुए केन्द्र ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से लॉकडाउन का उल्लंघन कर अपने गृह राज्यों में जाने वाले लोगों को 14 दिन तक क्वारंटाइन में रखने का आदेश दिया है।

केन्द्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गठित राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के नाते अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वह सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने का आदेश दे रहे हैं।

कुछ राज्यों से प्रवासी मजदूरों का बड़ी संख्या में पलायन देखने को मिल रहा है जो लॉकडाउन का उल्लंघन है। राज्यों से कहा गया है कि वे संबंधित अधिकारी को लॉकडाउन का तीन सप्ताह तक सख्ती से पालन कराने का निर्देश दें और जिलों तथा राज्यों की सीमाओं को प्रभावशाली ढंग से सील किया जाए।

राज्यों से कहा गया है कि जिन लोगों ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है और लॉकडाउन की अवधि के दौरान यात्रा की है, उन्‍हें सरकारी क्‍वारंटाइन केंद्रों में न्यूनतम 14 दिन क्‍वारंटाइन में रखा जाएगा। क्‍वारंटाइन के दौरान इन व्यक्तियों की निगरानी करने के लिए राज्यों को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि शहरों या राजमार्गों पर लोगों की कुछ भी आवाजाही नही होनी चाहिए। केवल आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही की ही अनुमति दी जानी चाहिए। जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को यह सलाह दी गई है कि प्रवासी श्रमिकों सहित गरीबों और जरूरतमंद लोगों के भोजन एवं आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था उनके कार्यस्‍थलों पर ही की जाए। केंद्र ने इस उद्देश्य के लिए राज्य आपदा मोचन कोष का इस्तेमाल करने के लिए आदेश जारी किए हैं।

राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे लॉकडाउन की अवधि के दौरान बिना किसी कटौती के श्रमिकों के कार्यस्थल पर उनके पारिश्रमिक या वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। इस अवधि के लिए श्रमिकों से घर का किराया देने की मांग नहीं की जानी चाहिए। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो मजदूरों या विद्यार्थियों को परिसर (कमरा या घर) खाली करने के लिए कह रहे हैं।

कैबिनेट सचिव और गृह मंत्रालय राज्यों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के साथ निरंतर संपर्क में हैं। कैबिनेट सचिव एवं गृह सचिव ने शनिवार शाम और आज सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ विचार-विमर्श किया।