यूपी में कोरोना कर्फ्यू 17 मई तक बढा, शिक्षण संस्थाएं 20 तक बंद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक परिणाम देखते हुए सरकार ने इसकी अवधि को 17 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है वहीं प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान 20 मई तक बंद रहेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को टीम-9 के साथ कोरोना की समीक्षा करने के बाद कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू से संक्रमण की चेन तोड़ने में इससे सहायता मिल रही है। एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे में 17 मई सुबह सात बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू को विस्तार दिए जाने का निर्णय लिया जा रहा है। वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल सम्बन्धी कार्य आदि आवश्यक अनिवार्य सेवाएं यथावत जारी रहेंगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में 20 मई तक अवकाश रहेगा। इस अवधि में ऑनलाइन कक्षाएं भी स्थगित रहेंगी। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 23,333 नए केस आए हैं जबकि इसी अवधि में 34,636 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2,33,981 एक्टिव केस हैं, जो कि बीते 30 अप्रैल की तुलना में 77,000 कम हैं। अब तक 12,54,045 प्रदेशवासियों ने कोरोना को हराकर आरोग्यता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टेस्टिंग और ट्रेसिंग का अभियान चल रहा है। चार करोड़ 29 लाख 53 हजार 900 टेस्ट करने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है। बीते 24 घंटे में 2,29,186 टेस्ट संपन्न हुए, जिसमें से 1,11,000 आरटीपीसीआर टेस्ट शामिल है। हमें टेस्टिंग को तेज करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता को बढ़ाए जाने की कार्यवाही तेज की जाए।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के मद्देनहर सभी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। बेड्स, चिकित्सा उपकरण मानव संसाधन को दोगुना किए जाने की दिशा में तेजी से कार्यवाही की जाए। ऑक्सीजन की बेहतर होती आपूर्ति के दृष्टिगत एल-2 और एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में एक लाख बेड की क्षमता करने की कार्यवाही तेज की जाए। अगले कुछ दिनों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 15000 ऑक्सीजन बेड और बढ़ाए जाने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में भी तेजी से कार्यवाही की जाए। निजी अस्पतालों का भी सहयोग लिया जाए।

योगी ने कहा कि सभी 75 जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर 24×7 नजर रखी जाए। बीते 24 घंटों में साढ़े नौ सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति-वितरण कराया गया है। इसे और बढ़ाए जाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। लखनऊ और कानपुर व आसपास के जिलों के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस से आपूर्ति कराई गई है। इसी प्रकार सहारनपुर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर आदि निकटस्थ जिलों के लिए बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। वाराणसी के लिए 40 टन ऑक्सीजन कल भेजी गई है। गोरखपुर व आसपास के जिलों के लिए विशेष ट्रेन चलाए जाने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में कुछ हॉस्पिटलों में औसत से कई गुना अधिक ऑक्सीजन की खपत की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग स्तर से ऐसे हॉस्पिटल से समन्वय बनाते हुए खपत को संतुलित करने की कार्यवाही की जाए।

होम आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड मरीजों व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त नॉन कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति कराने के समुचित प्रबंध किए जाएं। घरों में आपूर्ति के लिए मरीज की कोविड पॉजिटिविटी रिपोर्ट, कोई अन्य जांच, लक्षण युक्त होने अथवा चिकित्सक का परामर्श के आधार पर तत्काल ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड को हराकर स्वस्थ हुए कुछ लोगों में मानसिक व शारीरिक समस्या होने के केस सामने आए हैं। इन पोस्ट कोविड समस्याओं के त्वरित निदान के उद्देश्य से सभी 75 जिला अस्पतालों में पोस्ट कोविड हॉस्पिटल का संचालन किया जाए। यहां मनोचिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की जाए ताकि आवश्यकतानुसार लोग इनसे परामर्श प्राप्त कर सकें। स्वास्थ्य विभाग के स्तर से इसकी व्यवस्था अगले दो दिनो में कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टीकाकरण करने वाला राज्य है। अब तक 1,37,22,160 डोज लगाए जा चुके हैं। 18-44 आयु वर्ग के 1,17,327 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। अब सोमवार से 11 नए जिलों सहित कुल 18 जिलों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण संचालित होगा।

भविष्य की चुनौतियों के दृष्टिगत चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए नियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल/पैरामेडिकल अंतिम वर्ष, इंटर्न, प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके युवा, सेवानिवृत्त अनुभवी लोगों की सेवाएं ली जानी चाहिए। इस संबंध में चयन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री स्तर से इसकी विस्तृत समीक्षा कर ली जाए।

योगी ने कहा कि प्रदेश में रेमेडेसीवीर सहित जीवनरक्षक मानी जा रही सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। केन्द्र सरकार ने 16 मई तक के लिए 04 लाख 95 हजार वॉयल आवंटित किए गए हैं। सरकारी कोविड अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूर्णतः निःशुल्क है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार डीएम/सीएमओ द्वारा इसकी उपलब्धता कराई जा रही है।

यह भी पढें
sabguru.com/ सबगुरु अजमेर हिन्दी न्यूज
Sabguru News in English अंग्रेजी न्यूज
सबगुरु फेसबुक पेज लाइक करें, हर पल रहें अपडेट
YouTube सबगुरु न्यूज चैनल के लिए यहां क्लीक करें
Sabguru बॉलीवुड न्यूज
Sabguru अजब गजब न्यूज
Sabguru स्पोर्टस न्यूज