ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई : भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं होने वाले बयान पर विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि किसी भी राज्य ने नहीं कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार के जवाब पर तीन चीजें ध्यान देने योग्य हैं। पहला, केंद्र कहती है कि स्वास्थ्य राज्यों का विषय है। दूसरा, केंद्र कहती है कि हम सिर्फ राज्यों के भेजे आंकड़ों को संग्रहित करते हैं और तीसरा सरकार ने एक दिशानिर्देश जारी किया है, जिसके आधार पर राज्य अपने मौत के आंकड़ों को रिपोर्ट कर सकें।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर हुई मौत पर कोई आंकड़ा नहीं भेजा। किसी ने यह नहीं कहा कि उनके राज्य में ऑक्सीजन की कमी को लेकर मौत हुई है। राज्यों से आई रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह बात कही थी।

केंद्र द्वारा डेटा तैयार नहीं किया जाता। राज्यों के आंकड़ों के आधार पर केंद्र ने सदन में जवाब दिया। विपक्ष बेवजह इस मामले पर राजनीति कर रहा है। विपक्ष में संवेदनशीलता की भारी कमी है।

पात्रा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा,“चाहे महामारी, चाहे वैक्सीन का विषय हो हर विषय में झूठ बोलना, हर विषय में भ्रम फैलाना और हर विषय में लोगों को बरगलाना, ये श्री गांधी ने हमेशा किया है।

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि केजरीवाल ने कोरोना काल के दौरान झूठ बोला। हालांकि, उनका झूठ समय रहते पकड़ा गया। हाई कोर्ट में दाखिल एक रिर्पोट के मुताबिक दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन से मौत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गंभीर हालत होने के कारण इन मरीजों की मौत हुई थी।

भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या केजरीवाल की सरकार ने केंद्र को दिए गए आंकड़ों में एक भी मौत ऑक्सीजन की कमी से दिखाई? उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने माना है कि किसी प्रकार से कोई मौत ऑक्सीजन के कारण नहीं हुई है। शिवसेना नेता संजय राउत झूठ का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।

पात्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासित सरकार है और वह खुद कह रही है कि हमारे राज्य में एक भी मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की तरफ से किसी भी राज्य में कोरोना की मौत के कारणों में ऑक्सीजन की कमी नहीं लिखा गया था। विपक्ष ने कोरोना काल के दौरान केवल भ्रम फैलाने का काम किया है।