जातिगत टिप्पणी मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह अरेस्ट, 3 घंटे बाद रिहा

हांसी(हरियाणा)। साथी क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के प्रति सोशल मीडिया पर चैटिंग के दौरान जातिगत टिप्पण्घी करने के आरोप में हरफनमौला क्रिकेटर युवराज सिंह को हरियाणा की हांसी पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया लेकिन तीन घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।

युवराज सिंह को पुलिस ने मामले ही जांच में शामिल होने और पूछताछ के लिए हांसी बुलाया था जहां वह अपने वकीलों और सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंचे थे। हांसी के पुलिस उपाधीक्षक विनोद शंकर ने बताया कि मामले में पूछताछ के लिए युवराज की औपचारिक गिरफ्तारी की गई और तीन घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें अदालत प्राप्त अंतरिम जमानत के आधार पर रिहा कर दिया गया।

वह पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर मामने की जांच में शामिल होने के लिए हांसी पहुंचे थे। पूछताछ होने के बाद वह चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। युवराज पर आरोप है कि उन्होंने गत वर्ष क्रिकेटर रोहित शर्मा के साथ साेशल मीडिया चैटिंग के दौरान क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के प्रति जातिगत टिप्पणी की थी। यह चैट बाद में वायरल हो गई थी।

शंकर के अनुसार युवराज से इससे पहले भी इस मामले में दो बार पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों के अनसुार पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए युवराज का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस अब उसके खिलाफ अदालत में चालान पेश करेगी। यह मामला हिसार में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कानून के तहत हिसार की विशेष अदालत में चलेगा।

युवराज को इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिये नियमित जमानत हासिल करना अनिवार्य होगा। वहीं आरोप साबित होने पर उन्हें पांच वर्ष तक की कैद हो सकती है। हांसी पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर रजत कल्सन की शिकायत पर युवराज सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मामला खारिज कराने के लिए युवराज सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी। वहीं शिकायतकर्ता ने अंतरिम जमानत देने के उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे रखी है।