क्रोएशियाई डिफेंडर विडा ने यूक्रेन के जिक्र पर मांगी माफी

Croatia defender Vida apologizes for Ukraine comments
Croatia defender Vida apologizes for Ukraine comments

मॉस्को। क्रोएशियाई डिफेंडर डोमागोज विडा ने फीफा विश्वकप सेमीफाइनल में जीतने के बाद टूर्नामेंट के मेज़बान रूस के पड़ोसी यूक्रेन के समर्थन में अपनी पूर्व में की गई टिप्पणी ‘ग्लोरी टू यूक्रेन’ के लिए माफी मांगी है।

क्रोएशिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर विश्वकप फाइनल में जगह बनाई है। क्रोएशिया के सेंटर बैक ने एक सप्ताह पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने कहा था, ‘ग्लोरी टू यूक्रेन।’ दरअसल विडा यूक्रेन के क्लब डायनामोज़ कीव के लिए खेला करते थे।

रूस की मेजबानी में हो रहे 21वें फीफा विश्वकप के दौरान बुधवार को मॉस्को में जब क्रोएशिया और इंग्लैंड की टीमें सेमीफाइनल मैच के लिए उतरीं तो स्टेडियम में बैठे प्रशंसकों ने क्रोएशिया के सेंटर बैक की इस टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ हूटिंग शुरू कर दी।

इंग्लैंड के खिलाफ क्रोएशिया की जीत के बाद विडा ने एक टीवी चैनल पर दिए साक्षात्कार में कहा कि मैं जानता हूं, मैंने गलती की है और मैं रूसी लोगों से दोबारा अपनी इस गलती के लिए माफी मांगता हूं। मुझे माफ कर दें, यह जीवन है और आप अपनी गलतियों से ही सीखते हैं।

वर्ष 2014 में यूक्रेन के हिस्से क्रीमिया के अलग होने में रूस की भूमिका रही थी और उसने पूर्वी यूक्रेन में रूसी समर्थकों को भी अपना समर्थन दिया था, जिसके बाद से दोनों पड़ोसियों के रिश्तों में कड़वाहक आ गई है।

मैच के पहले हाफ में जैसे ही विडा गेंद को छूते स्टेडियम से रूसी प्रशंसकों की सीटियां और नारेबाजी शुरू हो जाती। हालांकि ऐसा केवल घरेलू रूसी दर्शकों ने ही किया जो बड़ी संख्या में मैच देखने पहुंचे थे।

इससे पहले वैश्विक संस्था अंतरराष्ट्रीय फुटबाल महासंघ ने विडा के वीडियो को लेकर कहा था कि यह टूर्नामेंट के नियमों का उल्लंघन नहीं है अौर राजनीति पर उसकी तटस्थ नीति का हिस्सा है, हालांकि डिफेंडर को सामान्य आधिकारिक चेतावनी जारी की गई थी।

इस वीडियो में विडा के साथ दिख रहे क्रोएशियाई कोचिंग टीम के सदस्य ओग्जेन वुकोजेविच पर भी 11,400 पाउंड का जुर्माना लगाया गया था जिन्हें बाद में राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया था।

विडा ने कहा कि मेरा उद्देश्य राजनीतिक नहीं था और न ही किसी को दुख पहुंचाना था। मैं केवल यूक्रेन के अपने पूर्व क्लब में मौजूद साथियों को अपना संदेश देना चाहता था। पहली बार विश्वकप फाइनल में पहुंची क्रोएशियाई टीम अब रविवार को खिताब के लिए फ्रांस से भिड़ेगी।