वेनेजुएला सीमा पर शरणार्थियों की भीड़ के मद्देनजर ब्राजील ने सीमा पर सेना भेजी

crowd of refugees on the Venezuelan border, Brazil sent army on border
crowd of refugees on the Venezuelan border, Brazil sent army on border

लीमा । वेनेजुएला में व्याप्त आर्थिक और राजनीतिक संकट के बाद लोगोें के भारी पलायन को देखते हुए ब्राजील अपनी सीमा पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सैनिकाें की तैनाती कर रहा है।

इस माह के शुरू में सीमावर्ती शहर में ब्राजील के लोगों ने वेनेजुएला से आने वाले प्रवासियों की भीड़ से खिन्न होकर दंगे किए थे और इन प्रवासियों को भी निशाना बनाया गया था। राष्ट्रपति माइकल टेमर ने सीमावर्ती राज्य रोरामिया की वेनेजुएला से लगती सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए है। उनका कहना है कि यह कदम कानून व्यवस्था और प्रवासियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

इस बीच पेरू ने अपने दो उत्तरी प्रांतों में प्रवासियों की भीड़ को देखते हुए “ स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित कर दिया है। सरकारी गजट में प्रकाशित एक अादेश में कहा गया है कि बाहर से आ रहे लोगों की भीड़ के कारण स्थानीय लोगों में मलेरिया और खसरे का खतरा बढ़ गया है।

इसी हफ्ते संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि वेनेजुएला से दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर जा रहे वेनेजुएला के नागरिकों से वहीं संकट पैदा हाे गया है जैसा भूमध्यसागर के देशों में हाल ही में पैदा हुआ था।

टेमर ने वेनेजुएला की समाजवादी सरकार के मुखिया निकोलस मादुरो को इस संकट का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि यह समस्या अब वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति का हिस्सा नहीं रह गई है और पूरे क्षेत्र के लिए एक खतरा बन चुकी है।”

उधर पेरू, कोलंबिया और ब्राजील के प्रवासी मामलों के शीर्ष अधिकारियों ने प्रवासियों की भारी भीड़ से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में एक बैठक की है।

इन अधिकारियों ने कहा कि इस समय कोलंबिया में दस लाख अौर पेरू में चार लाख से अधिक वेनेजुएला के नागरिक रह रहे है। प्रवासियों की भीड़ के बारे में जानकारी जुटाने और राहत प्रदान करने के लिए कोलंबिया तथा पेरू ने जानकारी साझा करने की बात भी कही है।

इस बीच वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश से बाहर गए लोगों को कहा है कि अन्य देशों में उन्हें कठिनाइयाें का सामना करना पड़ेगा और उन्हेंं स्वदेश लौट आना चाहिए।