दस लाख का ताज अजमेर दरगाह में आकर्षण का केन्द्र बना

अजमेर। ख्वाजा गरीब नवाज में बेतहाशा आस्था रखने वाले दिल्ली के व्यापारी गौरव गोयल द्वारा करीब दस लाख रुपए से ज्यादा कीमत का हीरा जड़ित ताज अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में आकर्षण का केंद्र बना है।

दरगाह कमेटी ने यह ताज रविवार को दरगाह के बेगमीदलान पर लगाकर ख्वाजा की खिदमत में पेश कर दिया जिसके बाद जायरीनों की भीड़ ताज को देखने के लिए आकर्षित हो रही है। गोयल ने ताज को पेश करने से पहले दरगाह कमेटी से विधिवत लिखित इजाजत मांगी और इस ताज को दरगाह कमेटी ने स्वीकार कर लिया।

गोयल का पेनकार्ड व अन्य पहचान दस्तावेज हासिल करने के बाद कमेटी ने ताज प्राप्ति की रसीद भी जारी की और गोयल की उपस्थिति में ही ताज को बेगमीदलान पर लगा दिया गया।

ताज में हीरे का प्रयोग किया गया है जिससे उसकी कीमत बढ़ गई है। ताज को देखने के लिए दरगाह आने वाले लोगों का आकर्षण बना हुआ है। दरगाह नाजिम शकील अहमद ने जानकारी दी कि व्यापारी गोयल द्वारा ताज में उपयोग हुए हीरे की शुद्धता का प्रमाणपत्र भी दरगाह कमेटी को उपलब्ध कराया जाएगा।