वाजपेयी की अंत्येष्टि में पाकिस्तानी शिष्टमंडल में आतंकी हेडली का भाई

David Headley's Pakistani half-brother Danyal Gilani came to Delhi for Vajpayee funeral
David Headley’s Pakistani half-brother Danyal Gilani came to Delhi for Vajpayee funeral

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पाकिस्तान से आए प्रतिनिधिमंडल में मुंबई आतंकवादी हमले में लिप्त आतंकवादी डेविड हेडली के भाई दानियाल गिलानी के शामिल होने की रिपोर्टों से भाजपा रविवार को असहज नजर आई।

भाजपा के प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इस बारे में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आ रही खबरों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि विदेशी प्रतिनिधियों के आने के बारे में विदेश मंत्रालय ही कुछ बता सकेगा। इसके बाद वह दूसरे विषयों पर बात करने लगे।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार वाजपेयी के अंत्येष्टि कार्यक्रम में शरीक होने के लिए 17 अगस्त को पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के कानून एवं सूचना प्रसारण मंत्री अली जाफर भारत आए थे। उनके साथ आए तीन अधिकारियों में एक दानियाल गिलानी भी थे।

दानियाल मुंबई आतंकी हमले की साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी डेविड हेडली के सौतेले भाई हैं। दोनों के पिता एक ही थे लेकिन मां अलग-अलग हैं।

पाकिस्तान सिविल सेवा के अधिकारी दानियाल गिलानी पहले कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनका अपने सौतेले भाई दाऊद गिलानी उर्फ डेविड हेडली से कोई संपर्क नहीं है। साथ ही वह इस बात से भी इन्कार करते रहे हैं कि उन्हें डेविड हेडली के आतंकी संपर्कों के बारे में कोई जानकारी थी।

मुंबई आतंकी हमले के वक्त गिलानी पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी थे। आखिरी बार दोनों की मुलाकात पिता सैयद सलीम गिलानी की मौत के वक्त दिसंबर 2008 में हुई थी।

करीब दो साल पहले हेडली ने ही मुंबई हमले पर वीडियो सुनवाई के दौरान बताया था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री 26/11 की वारदात के बाद उनके पिता की मौत पर शोक जताने के लिए घर आए थे।

सूत्रों के मुताबिक दानियाल पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री कार्यालय के निदेशक हैं और केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी है। इसी वजह से वह पाकिस्तान के कार्यवाहक सूचना प्रसारण मंत्री के साथ भारत आए थे।

यह भी बताया गया है कि दानियाल अली जाफर द्वारा पाकिस्तान सरकार और जनता की तरफ से वाजपेयी के निधन पर शोक जताने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से की गई मुलाकात के दौरान भी मौजूद थे हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि दानियाल राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर वाजपेयी के अंत्येष्टि कार्यक्रम में गए थे या नहीं।

दानियाल गिलानी का नाम उस वक्त भी चर्चा में आया था जब उन्होंने बहैसियत पाकिस्तान फिल्म सेंसर बोर्ड अध्यक्ष, पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर रोक लगाई। दो सप्ताह पहले उन्होंने आतंकवाद और हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर बनी बॉलीवुड फिल्म ‘मुल्क’ के पाकिस्तान में प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।

इससे पहले मई में करीना कपूर और सोनम कपूर स्टारर ‘वीरे दी वेडिंग’ को भी पाकिस्तानी दर्शकों के लिए अनफिट करार देते हुए उसके पाक में प्रसारण पर रोक लगाई गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार भारत में कूटनीति के जानकार दानियाल को भारत भेजने और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में नवजोत सिद्धू को पीछे की सीट से उठाकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के सदर मसूद खान के बगल में बैठाने को लेकर पाकिस्तान सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।

इसी तरह से इस्लामाबाद में भी भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया की इमरान खान से भेंट के दौरान भारत की कट्टर विरोधी शिरीन मजारी को साथ बैठाने और बैठक में खान द्वारा कश्मीर को कोर मुद्दा बताए जाने काे भी अच्छे तौर पर नहीं लिया गया है।