मदनलाल और रजत शर्मा को चुनौती देगें विकास सिंह और सुरिन्दर खन्ना

DDCA election 2018 : Vikas Singh and Surinder Khanna to challenge Madan Lal and Rajat Sharma

नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदनलाल और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के पैनलों को आगामी 30 जून को होने वाले दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के चुनावों में सीनियर वकील विकास सिंह तथा पूर्व क्रिकेटर सुरिन्दर खन्ना के पैनल से कड़ी चुनौती मिलेगी।

30 जून को होने वाला डीडीसीए चुनाव इस बार हाईप्रोफाइनल बन गया है जिसमें राजधानी की क्रिकेट की प्रभावशाली हस्तियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। विकास सिंह पैनल ने बुधवार रात एक संवाददाता सम्मेलन में अपने उम्मीदवारों को पेश किया और चुने जाने पर क्रिकेट प्रशासन और खिलाड़ियों के चयन में पूरी पारदर्शिता का वादा किया।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह डीडीसीए चुनावों में अध्यक्ष पद के लिये खड़े हो रहे हैं। अध्यक्ष पद के अन्य उम्मीदवारों में 1983 की विश्वकप विजेता टीम के सदस्य मदनलाल और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा भी मैदान में हैं। रजत शर्मा पैनल को भारतीय ओलंपिक संघ(आईओए) के अध्यक्ष डा. नरेंद्र ध्रुव बत्रा का समर्थन भी हासिल है।

विकास सिंह पैनल में क्रिकेट निदेशक पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर और विकेटकीपर बल्लेबाज सुरिन्दर खन्ना भी मैदान में हैं। महासचिव पद के लिये इस पैनल से संदीप चौधरी, संयुक्त सचिव पद के लिये डा. अहमद तमीम, कोषाध्यक्ष के लिए भगवान वर्मा और उपाध्यक्ष पद के लिए अरविंदर सिंह लवली मैदान में है।

इस पैनल से निदेशक पदों के लिए राजेन्दर कुमार, प्रवीण कुमार सोनी, संजीव बाली, सुनील के गोयल और राजेन्द्र कुमार टंडन तथा महिला निदेशक के लिये देव्यानी सिंह चुनाव लड़ेंगी।
विकास ने इन चुनावों के लिए अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए दावा किया कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग सहित 250 क्रिकेटरों का समर्थन उन्हें हासिल है।

उन्होंने साथ ही कहा कि चुने जाने की स्थिति में हम लोढा पैनल के सुधारों को पूरी तरह लागू करेंगे और साथ ही सूचना के अधिकारों को भी लागू करेंगे। हम क्रिकेट प्रशासन में सुशासन और दिल्ली की टीमों के चयन में पूरी निष्पक्षता का वादा करते हैं।

अपने प्रतिद्वंद्वी मदनलाल के लिए उन्होंने कहा कि मैं उनपर कोई उंगली नहीं उठाऊंगा। लेकिन उन्हें ऐसे ही व्यक्ति का समर्थन हासिल है जो बाद में रिमोट कंट्रोल से डीडीसीए को चला सकता है। हमारे पीछे किसी ग्रुप का समर्थन नहीं है जबकि बाकी दोनों पैनलों के पीछे उन ग्रुपों का समर्थन है जिन्होंने दिल्ली की क्रिकेट को भारी नुकसान उठाया है।

उन्होंने कहा कि हमें डीडीसीए के सदस्यों से भरपूर समर्थन मिल रहा है। पूर्व क्रिकेटर सहवाग भी हमारे समर्थन में है। उन्हें कहीं बाहर जाना पड़ा वरना वह आज हमारे साथ होते। हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता हमारे क्रिकेटर रहेंगे और हम चाहते हैं कि क्रिकेट के मामलों को सिर्फ क्रिकेटरों पर ही छोड़ा जाना चाहिए। डीडीसीए की सदस्यता में भी सुधार लाने की बहुुत जरूरत है क्योंकि इस समय एक ही परिवार के कई सदस्य डीडीसीए के सदस्य बने हुए हैं।

क्रिकेट निदेशक के लिये खड़े हुये पूर्व क्रिकेटर सुरिन्दर खन्ना ने भी कहा कि हमें दिल्ली की क्रिकेट को साफ सुथरा करना है। हमारा मिशन है कि हम डीडीसीए को पेशेवर बनाएं और उसे श्रेष्ठता की ओर ले जाएं। इसके लिए दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमों के चयन में पारदर्शिता की जरूरत रहेगी और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार है।