दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन को 9 जून तक ईडी की हिरासत में भेजा गया

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को धन शोधन के एक मामले में नौ जून तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है।

ईडी ने सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री जैन को गिरफ्तार किया था। उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने जैन से पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत की मांग की थी।

अधिवक्ता ने कहा कि एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी किसी और के पैसे का शोधन कर रहा था और क्या अन्य संभावित लाभार्थी थे।

इधर, स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से पेश हुए वकील ने जांच एजेंसी की याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। वकील ने कहा कि उनेके घर की दो बार तलाशी ली जा चुकी है और उनके बैंक खाते भी जब्त कर लिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जैन और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने जैन के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की।

ईडी ने अपने बयान में कहा कि 2015-16 के दौरान, जब जैन एक लोक सेवक थे, उनके स्वामित्व वाली और उनके द्वारा नियंत्रित कंपनियों को हवाला के माध्यम से कोलकाता स्थित प्रवेश ऑपरेटरों को हस्तांतरित नकद के बदले मुखौटा कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए की आवास प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

बयान में कहा गया कि इन राशियों का उपयोग सीधे जमीन की खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद के लिए किए गए ऋण की अदायगी के लिए किया गया था।

वित्तीय जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में जैन के परिवार और कंपनियों की लाभप्रद स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद जैन को नौ जून तक हिरासत में लेकर पूछताछ करने का आदेश दिया ताकि सच का खुलासा हो सके।

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