पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग

Demand for petrol diesel to be brought under GST in Lok Sabha
Demand for petrol diesel to be brought under GST in Lok Sabha

नई दिल्ली। लोकसभा में आज मांग की गयी कि पेट्रोलियम पदार्थों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए ताकि जनता को आसमान छूती कीमतों से राहत मिल सके।

भाजपा के सदस्य अप्पा बरणे ने शून्यकाल में कहा कि देश में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल थी, तब भी देश में पेट्रोल 65 रुपए के भाव पर बिकता था लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बहुत कम हैं लेकिन देश में पेट्रोल एवं डीजल के दाम 90 रुपए से ऊपर और कहीं कहीं सौ रुपए तक पहुंच गये हैं जिससे आम आदमी की जिन्दगी कठिन हो गयी है।

उन्होंने कहा कि देश में शोधित तेल की कीमत करीब 28 रुपए के आसपास है जबकि 62 रुपए से अधिक केन्द्र एवं राज्यों के कर एवं उपकर लग रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि सरकार को पेट्रोल डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाना चाहिए ताकि देश में 50 रुपए के भाव पर पेट्रोल मिल सके और लोगों का जीवन आसान हो सके।

इससे पहले शिवसेना के विनायक राऊत ने भी यही मामला उठाते हुए कहा कि जिस तरह से पेट्रोल एवं डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, यह बहुत चिंता की बात है। आम आदमी महंगाई से परेशान है। वाहनों के चालन में दिक्कतें आ रहीं हैं। लोगों के घरेलू खर्च पर नियंत्रण रखना कठिन होता जा रहा है। सरकार को इन कीमतों को नियंत्रण में लाने के लिए समुचित कदम तत्काल उठाना चाहिए।