राजस्थान विधानसभा में पेयजल समस्या के समाधान की मांग

Demand for solution of drinking water problem in Rajasthan Legislative Assembly
Demand for solution of drinking water problem in Rajasthan Legislative Assembly

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में विधायकों ने आज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल के लिए हो रही समस्या के समाधान की मांग की।

अनुदान की मांग संख्या सताईस पेयजल योजना पर चर्चा में शामिल विधायकों ने यह मांग की। चर्चा की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राम लाल शर्मा ने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं हैं और पेयजल के परम्परागत स्रोतों के सूख जाने से प्रदेश में पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही हैं, पानी के अधिक दोहन से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी की आवश्यकता के आधार पर ही ट्यूबवेल खोदने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को ट्यूबवेल खोदने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए आने वाले दिनों में लोग ताला लगाना शुरु कर देंगे। उन्होंने जयपुर में पानी के संकट का जिक्र करते हुए जयपुर को पेयजल की आपूर्ति के लिए बनाया गया रामगढ़ बांध आज पूरा सूखा पड़ा हैं। शर्मा ने कहा कि रामगढ़ बांध को बचाने के लिए सरकार ने उसके भराव क्षेत्र में अतिक्रमियों को हटाकर बांध में पानी लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया हैं।

उन्होंने कहा कि पानी की समस्या के समाधान के लिए विकल्प के रुप में बरसात के पानी को भी सहजने की जरुरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया के घर अपना रखे मॉडल को अपनाने की जरुरत हैं। उन्होंने कहा कि कटारिया अपने घर की छत का पानी सहज कर रखते हैं और उसका उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को गांवों में लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए पोंड बनाने के लिए दो लाख रुपए तक की सहायता देनी चाहिए ताकि लोग बरसात का पानी पोंड में एकत्रित करके उसका उपयोग कर सके।

शर्मा ने कहा कि पेयजल गडबड़ी सुधारने एवं नियमित आपूर्ति बनाये रखने के लिए पेयजल विभाग में कर्मचारियों की भर्ती भी की जानी चाहिए। उन्होंने गर्मी के मद्देनजर जिन लोगों के पेयजल के बिल बकाया हैं उनके पानी के कनेक्शन नहीं काटे जाने की मांग की।

कांग्रेस विधायक बृजेन्द्र ओला ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी की बड़ी दिक्कत हैं और लोगों को आज भी मटकी से पीने का पानी लाना पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार होती हैं वह पेयजल योजना की घोषणा तो करती हैं लेकिन संसाधन एवं धन की कमी के कारण योजनाएं फलीभूत नहीं होती। उन्होंने उनके क्षेत्र के 31 गांवों को कुंभाराम लिफ्ट आधारित पेयजल योजना से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता जल योजना पंचायतों को दी हैं लेकिन उनके पास फंड नहीं हैं। उन्होंने पंयायतों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें और अधिकार दिये जाने की मांग की। इसी तरह अन्य कई विधायकों ने चर्चा में भाग लिया और अपने क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया।