‘रामभक्त और जिन्नाभक्त’ से बातचीत भी नामुमकिन : केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के सौ विधायक तोड़कर लाने के एवज में सूबे का मुख्यमंत्री बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा समर्थन देने की पेशकश पर यह कहते हुए पलटवार किया है कि एक ‘रामभक्त और जिन्नाभक्त’ के बीच तालमेल तो दूर इस तरह की कोई बात करना भी संभव ही नहीं है।

गौरतलब है कि अखिलेश ने हाल ही में मौर्य को भाजपा में उचित सम्मान नहीं मिलने का दावा करते हुए कहा कि अगर वह 100 विधायक अपने साथ लेकर आएं तो उन्हें सपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। इसके जवाब में मौर्य ने गुरुवार को सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी खुद की पार्टी (सपा) टूटी पड़ी है, उनका परिवार उनसे नाराज है। इस सबसे बढ़कर जो जिन्ना के भक्त हैं, वो राम भक्त के साथ कैसे बात कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता है कि 2024 में सपा का खाता भी खुलेगा।

सपा सुप्रीमो की पेशकश पर मौर्य ने कहा कि अखिलेश मुझसे घृणा करते हैं। मेरे प्रति अखिलेश का प्यार विधान सभा में सबने देखा है। अखिलेश खुद डूबने वाले हैं, वे मुझे क्या मुख्यमंत्री बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सपा अब समाजवादी पार्टी के बजाय समाप्तवादी पार्टी हो गई है। जिस तरह से पानी से निकलने के बाद मछली तड़पती है, उसी तरह अखिलेश सत्ता के बिना तड़प रहे हैं।

इतना ही नहीं मौर्य ने अखिलेश को लोगों का मनोरंजन करने वाला चेहरा तक बता दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में मनोरंजन के दो ही चेहरे हैं। एक राहुल गांधी जी हैं जो मनोरंजन के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे हैं और दूसरे अखिलेश यादव जी हैं जो चार चुनाव हारने के बाद भी ऐसी बातें करते हैं जो मनोरंजन का कारण हो सकती हैं।