नैनीताल : दीक्षा मिश्रा का हत्यारा निकला उसका साथी ऋषभ उर्फ इमरान

नैनीताल। नैनीताल पुलिस ने बुधवार को दीक्षा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। हत्या उसके साथी ऋषभ उर्फ इमरान ने की थी। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा ने मल्लीताल कोतवाली में इस मामले पर से पर्दा उठाया। आरोपी को गाजियाबाद के सिहानी गेट स्थित साईं मेडिकोज से गिरफ्तार किया गया है। पींचा के अनुसार दीक्षा मिश्रा पुत्री गिरीश चंद्र निवासी फ्लैट नं0 303 होरीजन होम्स, शाहवेरी, नोएडा एक्सटेंशन, गौतमबुद्धनगर आरोपी के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी। उसकी 15 अगस्त को होटल के कमरे में हत्या कर दी गई थी।

पींचा ने बताया कि 14 अगस्त को दीक्षा व इमरान अपने साथी श्वेता शर्मा व अलमास के साथ घूमने के लिए नैनीताल आए। उन्होंने ग्लैक्सी होटल में साथ ही कमरा लिया और 15 अगस्त को देर रात तक दीक्षा का जन्मदिन मनाया। इसके बाद दोनों जोड़े अपने-अपने कमरों में सोने के लिए चले गए। उसके बाद इमरान ने दीक्षा की हत्या कर दी और फरार हो गया।

पुलिस को अगले दिन 11 बजे घटना की सूचना मिली। श्वेता की शिकायत पर पुलिस ने इमरान के खिलाफ उसी दिन मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कोतवाल अशोक कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम हत्यारे की तलाश में गाजियाबाद पहुंच गई। उसे मंगलवार को साईं मेडिकोज से गिरफ्तार कर लिया गया।

पींचा ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पिछले कुछ समय से दोनों में विवाद रहने लगा था और घटना के दिन भी दोनों में झगड़ा हो गया था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह दीक्षा से पीछा छुड़ाना चाहता था और इसीलिए उसने दीक्षा की हत्या की।

दूसरी ओर प्रेस काफ्रेंस के दौरान भाजपा कार्यकर्ता आज कोतवाली आ धमके और उन्होंने सरोवरनगरी में बढ़ रहे अपराध को लेकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों से नाराजगी जताई। बताया जाता है कि इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी इमरान की पिटाई भी कर दी।

शादीशुदा थी दीक्षा

मृतका दीक्षा के भाई अंकुर मिश्रा ने पुलिस को बताया कि बहन की शादी साल 2008 में खुरजा निवासी पवन शर्मा से हुई थी। वह दीक्षा के साथ मारपीट करता था और इस वजह से दोनों अलग रहने लगे थे। दोनों का तलाक नहीं हुआ है और कोर्ट में लंबित है। दीक्षा पिता के निधन के बाद से घर की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रही थी। वह रियल एस्टेट कंपनी में अच्छे पद पर तैनात थी।