DRI ने जब्त किया 85.54 किलो सोना, 4 विदेशी गिरफ्त में

नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक खुफिया अभियान में विमान से दूसरे माल के रूप में लाया गया 85 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया है। इसकी कीमत लगभग 42 करोड़ रुपए आंकी गई है।

इस कार्रवाई में हवाई कार्गो मार्ग का इस्तेमाल करके हांगकांग से भारत में सोने की तस्करी में लिप्त होने के संदेह में कई भारतीय और विदेशी (चीनी, ताइवानी और दक्षिण-कोरियाई) नागरिकों की पहचान की गई है।

खुफिया निदेशालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के संकेत दिया गया है यह सोना मशीनों के पुर्जों के रूप में तस्करी किए गए सोने को स्थानीय बाजार में बेचने से पहले पिघलाकर उसे टिकिया/बेलन के आकार में ढाला जा रहा था।

डीआरआई के अधिकारियों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में विदेश से आए माल की जांच की। जांच के दौरान, माल में ट्रांसफॉर्मर के साथ लगे इलेक्ट्रोप्लेटिंग मशीन पाए गए। ट्रांसफॉर्मर के ‘ईआई’ लैमिनेट्स को सोने की पहचान छिपाने के लिए निकल का लेप कर दिया गया था। 80 आयातित इलेक्ट्रोप्लेटिंग मशीनों में से प्रत्येक से लगभग एक किलो सोना बरामद किया गया।

एक त्वरित कार्रवाई में दिल्ली के एक जौहरी के यहां से 5.41 किलोग्राम विदेशों से लगाया गया सोना बरामद किया गया। इसके अलावा, छतरपुर और गुरुग्राम में कई किराए की जगहों पर तलाश अभियान में चार विदेशी नागरिक (दक्षिण कोरिया से दो और चीन और ताइवान से एक-एक) पकड़े गए।

वे तस्करी किए गए सोने को ‘ईआई’ लैमिनेट्स के रूप में आगे वितरण के लिए टिकिया/बेलनाकार रूप देने के लिए धातुशोधन तकनीकों का उपयोग करते हुए पाए गए थे। ये गतिविधियां दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम के इलाकों में किराए के फार्महाउस/अपार्टमेंट में संचालित की जा रही थीं।

एजेंसी के अनुसार पूरे सोने को जब्त कर लिया गया है। उसका कुल वजन 85.535 किलोग्राम है। तस्करी गतिविधियों में शामिल चार विदेशी नागरिकों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान, यह पता चला है कि दो विदेशी नागरिक सोने की तस्करी के अपने पिछले अपराधों के लिए जेल में रहने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। मामले में आगे की जांच जारी है।