रंग लाई वृद्ध बेवा की लड़ाई, आदर्श शिक्षा समिति को भूखंड आवंटन निरस्त

dozons of man removing boundry from the controversial land in saroopganj। file फ़ोटो

सिरोही। जिला कलेक्टर सिरोही ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बद्ध आदर्श शिक्षा समिति को सरूपगंज में विद्यालय के लिए आवंटित भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया है।

आदर्श शिक्षा समिति को सरूपगंज में विद्यालय निर्माण के लिए 29 मार्च 2004 को 2 बीघा भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन भूमि आवंटन की शर्तों के अनुसार आवंटन के दो साल के अंदर समिति ने वहां पर स्कूल निर्माण नहीं किया।

इस मामले में 17 नवम्बर 2016 को सरूपगंज की ही वृद्धा बेवा देवी बाई ने कलेक्टर कार्यालय में वाद दायर किया कि आदर्श शिक्षा समिति ने आवंटन की शर्तों का उलंघन किया है। इस पर कलेक्टर ने इस आवंटन को रद्द करने के लिए राज्य सरकार को सिफारिश भेज दी थी।

लेकिन आदर्श शिक्षा समिति कलेक्टर के आदेश के खिलाफ हाइकोर्ट चली गई। वहां से स्टे मिल गया। लेकिन बाद में इसे वेकेट करते हुए प्राकृतिक न्याय के अनुसार कानून सम्मत कार्रवाई के लिए निर्देश दिए, लेकिन वाद वहां पर यथावत है।

कलेक्टर न्यायालय ने हाइकोर्ट के निर्देशानुसार इसकी सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के आदेशानुसार 22 अप्रैल को आदर्श शिक्षा समिति को आवंटित भूखंड को हाईकोर्ट में अध्यधीन वाद के अंतिम निर्णय आने तक आदर्श विद्या मंदिर को आवंटित भूमि और उसमें बने ढांचों को बिना किसी मुआवजे के राज्याधीन करने के आदेश जारी किए।

कौन है इतनी बड़ी संस्थान को चुनौती देने वाली देवी बाई?

दरअसल, जिस जमीन को जिला प्रशासन ने आदर्श विद्या मंदिर को आवंटित किया था उसकी मूल मालिक देवी बाई ही थी। लेकिन, 1980 के आसपास उनके द्वारा इस भूमि का कथित रूप से बिना कानूनी प्रक्रिया के विभाजन के कारण राजस्थान टिनेंसी एक्ट के तहत इसे राजसात कर लिया गया था।

लेकिन, देवी बाई और उनके परिवार का इस पर कब्जा उसके बाद भी कायम था। ये मामला फिर से प्रकाश मैं आया जून 2018 में। तब देवी बाई ने आरोप लगाया था कि आदर्श शिक्षा समिति से जुड़े लोगों ने इस भूखंड में घुसकर 2004 के आवंटन का हवाला देते हुए यहां देवी बाई के द्वारा बोई गई फसल को बुलडोजर से तहस नहस कर दी। वहां पर तीन दिन तक लगातार काम करते थे।

सत्ता का पूरी तरह से दुरुपयोग इस मामले में किया गया। देवीबाई ने तब जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर बताया था कि पुलिस ने उनकी जमीन में जबरन कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।

इतना ही नहीं जब देवी बाई के भतीजे ने इसका विरोध किया तो उसे पुलिस ने भाजपा के ही एक स्थानीय पदाधिकारी के साथ शांति भंग करने में गिरफ्तार कर लिया था। उस समय सबगुरु न्यूज ने इस प्रकरण को सबसे पहले सार्वजनिक किया था। इसके बाद वृद्ध बेवा देवी बाई खंडेलवाल ने इस जमीन को लेकर आदर्श शिक्षा समिति के खिलाफ मोर्चा खोल लिया था।

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