लॉकडाउन के बीच पहले दिन 532 उड़ानों में 39,231 यात्रियों ने सफर किया

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के मद्देनजर लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण दो महीने तक स्थगित रहने के बाद महामारी से बचाव के नए नियमों के साथ घरेलू यात्री विमान सेवा सोमवार को दुबारा शुरू हो गई हालाँकि पहले दिन उड़ानों की संख्या काफी कम रही।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शाम को एक ट्वीट कर बताया कि सोमवार को 532 उड़ानों का परिचालन किया गया। उन्होंने लिखा “देश के आसमान में गतिविधियां शुरू हो गई हैं। कल जहां एक भी घरेलू यात्री उड़ान नहीं थी वहीं आज 532 उड़ानों में 39,231 यात्री अपने गंतव्य पर पहुंचे हैं। आंध्र प्रदेश में कल से और पश्चिम बंगाल में 28 मई से परिचालन शुरू होने के बाद इन आंकड़ों में और इजाफा होगा।

उल्लेखनीय है कि 24 मार्च के बाद आज पहली बार देश में नियमित यात्री उड़ानों का परिचालन शुरू हुआ हालांकि कोविड-19 के से बचाव के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं। इनमें यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल या एक स्वघोषणा देना जरूरी किया गया है।

वेबचेक इन अनिवार्य हो गया है और विमान के अंदर खाना मिलना बंद हो गया है। अब कम से कम दो घंटे पहले हवाई अड्डा पहुंचना जरूरी है और हवाई अड्डे पर पहुंचने से लेकर गंतव्य के हवाई अड्डे से निकलने तक सामाजिक दूरी के विभिन्न निर्देशों का पालन अनिवार्य हो गया है। केबिन क्रू और हवाई अड्डे पर तैनात कई कर्मचारी पीपीई में दिखे।

नागर विमानन महानिदेशालय ने आज से एक-तिहाई विमानों के परिचालन की अनुमति दी थी, लेकिन कई राज्यों की सरकारों ने अपनी तरफ से इस संख्या को और कम किया है। पहले दिन कुछ दुविधाओं और राज्य सरकारों में द्वारा अंतिम समय में किए गए बदलावों के कारण कई उड़ानें रद्द भी हुईं। यात्रियों में क्वारंटीन को लेकर काफी असमंजस की स्थिति रही। हर राज्य सरकार को आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य के दिशा-निर्देश स्वयं तय करने की छूट दी गई है।

अधिकतर यात्रियों को पता ही नहीं था कि वे जहां जा रहे हैं वहां किस प्रकार के नियम होंगे।
आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़ शेष राज्यों ने आज से उड़ानें शुरू करने की अनुमति दे दी थी। हालांकि तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई हवाई अड्डे से रोजना 25 उड़ानों के रवाना होने और 25 उड़ानों के वहां आने की ही अनुमति प्रदान की है।

महाराष्ट्र सरकार ने भी मुंबई हवाई अड्डे से सीमित उड़ानों के परिचालन की मंजूरी दी है। इस कारण आज इन दोनों शहरों को जाने और वहां से आने वाली उड़ानें बड़ी संख्या में रद्द करनी पड़ीं। आंध्र प्रदेश ने 26 मई से और पश्चिम बंगाल ने 28 मई से अपने यहां यात्री विमान सेवा शुरू करने की अनुमति प्रदान की है। इसलिए आज इन दोनों राज्यों को जाने और वहां से आने वाली सारी उड़ानें रद्द रहीं।

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान सुबह 4.45 बजे रवाना हुई। देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी इंडिगो के ए320 विमान (उड़ान संख्या 6ई-643) ने टर्मिनल-3 से पुणे के लिए उड़ान भरी। इंडिगो ने लॉकडाउन 4.0 के दौरान 25 मई से 31 मई तक रोजाना 200 उड़ानों के परिचालन की घोषणा की थी, लेकिन विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिबंधों के कारण आज कई उड़ानें रद्द रहीं।

अकेले दिल्ली हवाई अड्डे पर आगमन और प्रस्थान मिलाकर एक 80 उड़ानें रद्द रहीं। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि आज यहां से 118 उड़ानें रवाना हुईं तथा 125 उड़ानें यहाँ उतरीं। पहले रोजाना 190 आगमन और 190 प्रस्थान की योजना बनाई गयी थी।

सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने आज 85 उड़ानों का परिचालन किया। एयर इंडिया की इकाई अलायंस एयर की 24 उड़ानें आज से शुरू हो गयीं। टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त उपक्रम वाली विमान सेवा कंपनी विस्तारा ने आज मात्र 20 उड़ानों का परिचालन किया। वाडिया समूह की किफायती एयरलाइंस गोएयर ने आज एक भी उड़ान नहीं भरी।

किफायती एयरलाइंस स्पाइसजेट की पहली उड़ान एसजी-8194 सुबह 6.05 बजे अहमदाबाद से उड़ान भरकर 7.10 बजे दिल्ली पहुंची। एयरलाइन ने बताया कि वह क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत आवंटित मार्गों पर भी 20 उड़ानों का परिचालन कर रही है।