अमेरिका और मैक्सिको सीमा पर बढ़ा मानवीय संकट: डोनाल्ड ट्रंप

Donald Trump says Increased humanitarian crisis on the US and Mexico border
Donald Trump says Increased humanitarian crisis on the US and Mexico border

वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर ‘मानवीय संकट’ बढ़ता ही जा रहा है।

दोनों देशों की सीमा पर अवैध प्रवासियों तथा बदमाशों के घुसपैठ को रोकने के नाम पर प्रस्तावित सीमा दीवार बनाने काे लेकर जारी विरोधों तथा संघर्ष के बीच ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद ओवल स्थित कार्यालय से पहली बार मंगलवार की रात प्रसारित अपने टेलीविजन संबोधन में इस आशय का दावा किया।

ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर स्थिति को ‘दिल का संकट’, ‘आत्मा का संकट’, का मामला बनाते हुए कहा,“ स्टील की दीवार सीमा सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।” ट्रंप ने मैक्सिको सीमा पर दीवार के लिए 5.6 अरब डॉलर के फ़ंड की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वह इस रक़म को कम नहीं करेंगे। राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू करने की चेतावनी भी दोहराई है।

डेमोक्रेट दीवार के लिए फ़ंड देने के समर्थन में नहीं हैं, वो इस दीवार को ‘अनैतिक’ बता रहे हैं जिसके कारण श्री ट्रंप की योजना फिलहाल अधर में लटकी मालूम होती है। यह दीवार बनाना ट्रंप के अहम चुनावी वादों में है। अब अमेरिका मैक्सिको के साथ लगी अपनी सीमा पर कंक्रीट की दीवार बनाने की बजाय स्टील का एक अवरोधक बनाने पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने दिसंबर में एक ट्वीट के जरिए इसकी तस्वीर भी साझा की थी।

दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने और विभिन्न विभाग चलाने के लिए अनुदान मांग से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो पा रहा है। इस कारण सरकारी कामकाज लगभग तीन हफ्ते से आंशिक रूप से ठप पड़ा है। गत वर्ष अगस्त में अमेरिकी सीनेट ने एक विधेयक पारित किया, जिसमें 850 बिलियन डॉलर संघीय सरकार के खर्च के लिए मंजूर किए गए थे।

ट्रंप ने हालांकि इस विधेयक में 5.7 बिलियन डॉलर इस दीवार को बनाने के लिए मांगे थे तथा वह अपनी मांग पर डटे हैं, जिसकी वजह अमेरिका में गत 22 दिसंबर यानी पिछले 19 दिनों से आंशिक शटडाउन है। हड़ताल का असर आठ लाख संघीय कर्मचारियों पर पड़ा है।

गौरतलब है कि अमेरिका-मेक्सिको सीमा 1954 मील लंबी है, जो कि प्रशांत महासागर से गल्फ ऑफ मेक्सिको तक फैला है। इसमें 1200 मील टेक्सास में है। अभी सीमा पर नेशनल गार्ड तैनात हैं, जो यहां निगरानी करते हैं। इस दीवार बनने की लागत अाठ अरब डालर से 67 अरब डॉलर तक मानी जा रही है। इस दीवार का मकसद अवैध प्रवासियों और नशीले पदार्थों को अमेरिका में आने से रोकना है।

मैक्सिको से लगने वाली सीमा पर दीवार बनाने को लेकर पूर्व में श्री ट्रंप ने कहा था कि इस दीवार का ख़र्च ख़ुद मैक्सिको उठाएगा, लेकिन मैक्सिको ने ख़र्च उठाने से इनकार कर दिया। श्री ट्रंप ने कहा कि लगता है डेमोक्रेट्स ‘कोई समझौता’ करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा, “कामबंदी कल ख़त्म हो सकती है या बहुत लंबे समय तक चल सकती है. अब ये डेमोक्रेट्स पर निर्भर करता है।” अब हालांकि डेमोक्रेट्स को मनाने के लिए श्री ट्रंप भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वो सीमेंट की जगह स्टील की दीवार बना सकते हैं।

अमरीकी क़ानून में ये प्रावधान है कि राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में राष्ट्रपति को सैन्य परियोजनाओं का काम सीधे तौर पर करने का अधिकार हासिल है, लेकिन ये रक़म रक्षा मंत्रालय के बजट से आती है, जिसे संसद की मंज़ूरी मिली होती है। दोनों ही पक्षों का मानना है कि उनके समर्थक इस मामले में उनके साथ हैं। इसलिए किसी भी पक्ष का झुकना मुश्किल लगता है। इसके कारण फिलहाल अमेरिका के भीतर संकट भी जारी है।