मीडिया से बातचीत में संयम नहीं बरतने को लेकर पार्टी नेताओं पर बरसे मोदी

‘Don’t speak out of turn or give masala to media’: PM Modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी सांसदों और विधायकों को मीडिया से बातचीत के दौरान संयम नहीं बरते जाने को लेकर झिड़की दी और कहा कि कार्यकर्ता मीडिया की गलती बताते हैं लेकिन केवल हम ही उन्हें बोलने का मौका देते हैं।

मोदी ने ‘नरेन्‍द्र मोदी ऐप’ के जरिए भारतीय जनता पार्टी के सांसदों और वि‍धायकों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया से बातचीत के दौरान संयम नहीं बरते जाने पर केवल नेताओं की ही नहीं, बल्कि पार्टी की छवि भी धूमिल होती है।

उन्होंने कहा कि मीडिया की कोई गलती नहीं है। हम गलतियां करते हैं और मीडिया को ‘मसाला’ देते हैं। हम जैसे ही कैमरा देखते हैं, मीडिया के सामने बयान देने लगते हैं, गोया कि हम बहुत बड़े समाज विज्ञानी अथवा विशेषज्ञ है। मीडिया इन बयानों का इस्तेमाल करती है, इसलिए ऐसे अपरिपक्व क्रियाकलाप को विराम दें।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी जरूरतों को मुख्‍यधारा की आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़े जाने की आवश्‍यकता पर बल दिया और कहा कि कौशल विकास पर अधिक ध्‍यान देने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आय अर्जन में मुद्रा योजना से सहायता मिल रही है और इस योजना से 11 करोड़ लोग पहले ही लाभान्‍वित हो चुके हैं।

उन्‍होंने कहा कि स्‍व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्‍न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। प्रत्‍येक विधायक को अपने निर्वाचन क्षेत्र के कम से कम एक गांव का विकास कार्य अपने हाथ में लेना चाहिए ताकि गांव का विकास हो सके।

उन्होंने कहा कि सरकार गांवों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलना चाहती है ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं मिल सकें। सरकार बच्‍चों की शिक्षा, युवाओं के लिए अवसरों और बुजुर्गों के लिए इलाज पर अधिक ध्‍यान दे रही है। गांव का विकास का काम केवल सरकार का नहीं है और ना ही यह केवल बजट से हो सकता है,बल्कि इसके लिए लोगों को भी अपने अधिकारों और कर्तव्‍यों के बारे में जागरूक होने की जरूरत है।

मोदी ने कहा कि किसी भी गांव की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता ही होती है। लोगों के कल्‍याण के लिए समाज में किए जा रहे हर काम में पार्टी के नेताओं को शामिल होना चाहिए।कई किसान खेती-बाड़ी से जुड़े तथ्‍यों और योजनाओं से परिचित नहीं हैं। उन्‍हें शिक्षित करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है। उन्‍होंने सांसदों-विधायकों से गांवों में खेती की नवीनतम तकनीकों की जानकारी देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को यह बताया जाना चाहिए कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के संबंध में स्‍वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं ताकि वे इसका लाभ उठा सकें।

मोदी ने स्‍वच्‍छता अभियान पर जोर देते हुए महात्‍मा गांधी की डेढ़ सौंवी जयंती समारोहों के आयोजन के लिए सुझाव देने की अपील भी की। ग्रामीण विधायकों ने बहुत उपयोगी सुझाव दिए हैं। प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ग्राम स्‍वराज अभियान के आखिरी दिनों में अपनी पूरी ऊर्जा लगाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भाजपा में सबसे ज्यादा दलित, आदिवासी तथा अन्य पिछडे वर्ग के सांसद हैं। इनको लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने के लिए जुट जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों से मीडिया के सामने पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ बोलने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सफलता पूर्वक वस्तु एवं सेवाकर को लागू कर दिया है और इसका बेहतर प्रतिदान मिल रहा है।