तीन अधिकारियों के विज़न को चौथे ने आगे बढ़ाया, माउंट आबू को दिया सबसे खूबसूरत स्थान

माउंट आबू में नक्की झील वॉक वे पर दो साल पहले की गई मेहनत के रंग।
परीक्षित मिश्रा
सबगुरु न्यूज-माउंट आबू। करीब डेढ़ साल पहले माउंट आबू के सबसे ज्यादा पर्यटकों को खींचने वाली नक्की झील की बदहाली को दुरुस्त करने का एक विजन पूर्व जिला कलेक्टर, डीएफओ और माउंट आबू एसडीएम ने देखा। अब वो विज़न आधे नक्की पर मूर्त रूप लेकर माउंट आबू के सबसे खूबसूरत से वॉक वे बन चुका है।

अब चौथा अधिकारी इस प्रोजेक्ट को जन प्रतिनिधियों और जनता के साथ आगे बढ़ाने में लग गया है। पिछले डेढ़ दशक में माउंट आबू में पर्यटकों के आकर्षण का पहला बड़ा काम है जो स्थानीय अधिकारियों की पहल से हुआ। वैसे इससे पहले पूर्व उपखंड अधिकारी जितेंद्र सोनी ने भी इसे विकसित करने का शानदार प्रोजेक्ट बनाया था, लेकिन वो प्रोजेक्ट मूर्त रूप नहीं ले सका।

-करीब दो साल पहले तक बदहाल नक्की झील की देखरेख सम्भाल रही माउंट आबू नगर पालिका के आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार उपखंड अधिकारी सुरेश ओला को दिया। नक्की राउंड के दौरान बदहाल नक्की झील देखी तो उन्होंने नगर परिषद पार्षदों के सामने इसकी खोती खूबसूरती को फिर से पाने के लिए चर्चा की। सहमति बनी तो माउंट आबू के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वयंसेवी संस्थानों, crpf व स्थानीय लोगों ने इसका बीड़ा उठाया लिया। श्रमदान से नक्की साफ होने लगी।

-फिर शुरू हुआ अगला चरण

नक्की सफाई के दौरान ही निरीक्षण के दौरान तत्कालीन जिला कलेक्टर सन्देश नायक, डीएफओ हेमंत सिंह और माउंट आबू एसडीएम सुरेश ओला ने नक्की राउंड के दौरान परिक्रमा पथ के दोनो ओर प्लांटेशन करवाने का मन बनाया। पहले इसके लिए स्थानीय होटेलियर्न्स, crpf, नगर परिषद की मदद से इस काम को शुरू किया। उनके विज़न को उड़ान मिल गई गौरव पथ योजना के तहत आये बजट से। इस बजट से नक्की राउंड पर गांधी उद्यान से हनीमून पॉइंट मोड़ तक के पथ को खूबसूरत बनाने का काम शुरू किया गया। पहाड़ी वाली साइड में रेटेनिग वाल बनाकर वहां पर फूलों के पौधे लगाए। नक्की झील की सुरक्षा दीवार पर गमले लगवाए गए। दो साल बाद अब उनका विजन आंख से निकलकर जमीन पर उतर चुका है। माउंट आबू का सबसे खूबसूरत वॉक-वे बन गया है।

– इस प्रोजेक्ट का अगला चरण शुरू

माउंट आबू में वर्तमान उपखंड अधिकारी रविन्द्र गोस्वामी के पास ही नगर पालिका आयुक्त का भी चार्ज है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने भी इस प्रोजेक्ट के अगले चरण को शुरू किया। गांधी उद्यान आए हनीमून पॉइंट मोड तक का नक्की झील परिक्रमा पथ नगर पालिका के पास था। इसे पूरा करने में गौरव पथ प्रोजेक्ट का बजट पूर्ण हो गया। वर्तमान उपखंड अधिकारी ने इसे आगे बढाया। हनीमून पॉइंट मोड़ से दरगाह होते हुए अर्बुदा देवी मंदिर तक के मार्ग से दोनों तरफ के सौन्दर्यीकरण का काम शुरू कर दिया।

इनका कहना है…

तत्कालीन उपखंड अधिकारी सुरेश ओला और डीएफओ हेमंत सिंह के साथ माउंट सुन्दर्यीकर्ण के लिए नक्की राउंड करते हुए इसे विकसित करने का विचार आया। नक्की पर स्टे बढाने के लिए इस परिक्रमा पथ को विकसित किया। इसके अलावा विवेकानन्द वॉक वे और कुछ केव्स को भी विकसित करने का प्लानिंग बनाई थी।
संदेश नायक
पूर्व कलेक्टर सिरोही।

मेरे पास माउंट आबू आयुक्त का चार्ज आया तो नक्की बहुत बदहाल थी। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं व लोगों के साथ इसे विकसित करने पट काम शुरू किया। तत्कालीन कलेक्टर और डीएफओ के साथ रोज नए विचार आये और उस पर काम हुआ।
सुरेश ओला
पूर्व उपखंड अधिकारी, माउंट आबू।

नक्की परिक्रमा पथ को विकसित करने के पूर्व प्रोजेक्ट में गौरव पथ की राशि पूर्ण होने से प्रोजेक्ट हनीमून पॉइंट मोड़ तंक हो सका। आगे का रास्ता pwd का था। इसके लिए अब काम शुरू कर दिया है। हमारा मकसद है कि पर्यटक पोलो ग्राउंड से अंदर घुसे तो उसे एमके चौराहा, नक्की राउंड, दरगाह मोड़ होते हुए अर्बुदा मन्दिर तक दोनो तरह फूल ही फूल दिखें।
डॉ रविन्द्र गोस्वामी
उपखंड अधिकारी और कर्यवाहक आयुक्त, माउंट आबू।