आईपीएल का बेसब्री से इंतजार: मंजोत कालडा

Eagerly waiting for 2018 edition of IPL: Manjot Kalra
Eagerly waiting for 2018 edition of IPL: Manjot Kalra

नई दिल्ली। अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद शतक जमाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज मंजोत कालड़ा को आईपीएल का बेसब्री से इंतजार है।

19 साल के दिल्ली के खिलाड़ी मंजोत ने इस महीने के शुरु में तीन फरवरी को आस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 101 रन की खिताब दिलाने वाली पारी खेली थी जिसके बाद वह रातोंरात सुर्खियों में आ गए और उनकी चर्चा बाएं हाथ के धुरंधर बल्लेबाज युवराज सिंह से की जाने लगी।

मंजोत ने बुधवार को यहां न्यूट्रास्युटिकल कंपनी जीएनसी (जनरल न्यूट्रीशन सेंटर) के एक प्रमाेशनल कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं के साथ बातचीत में विश्वकप के अपने प्रदर्शन पर खुशी जताई और साथ ही कहा कि वह अब आईपीएल के 11वें संस्करण में मौका पाने की उम्मीद कर रहे हैं। मंजोत को दिल्ली डेयरडेविल्स ने उनके 20 लाख रुपए के आधार मूल्य पर खरीदा है।

युवा बल्लेबाज ने कहा कि मैं आईपीएल में खेलने को लेकर बहुत रोमांचित हूं। अब तक मैंने अंडर-19 गेंदबाजाें का सामना किया है। लेकिन अब मुझे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना करने का मौका मिलेगा जिससे मैं बहुत कुछ सीख सकूंगा।

युवराज से किसी भी तरह के तुलना के सवाल पर मंजोत ने बड़ी विनम्रता के साथ कहा कि वह बहुत बड़े खिलाड़ी हैं और उनके साथ तुलना का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। मैं उनकी बल्लेबाजी शैली को कॉपी नहीं करता। मेरी अपनी बल्लेबाजी शैली है।

हां, यह जरुर है कि मैं भारतीय कप्तान विराट कोहली का अनुसरण करता हूं और जिस तरह वह आखिर तक रूक कर मैच काे फिनिश करते हैं मैं भी उसी तरह मैच को फिनिश कर करना चाहता हूं।

विजय हजारे ट्राफी एकदिवसीय टूर्नामेंट में दिल्ली की तरफ से मौका न मिलने पर बारे में पूछे जाने पर इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि यह कोई चिंता की बड़ी बात नहीं है। मुझे आगे भी मौके मिलेंगे। मेरा काम है अच्छा प्रदर्शन करते रहना और जब मौका मिले खुद को साबित करना। मैं इसी लक्ष्य के साथ आगे बढूंगा।

विश्व चैंपियन बनने के बाद जीवन में आए परिवर्तन के सवाल पर मंजोत ने मुस्कुराते हुए कहा कि अच्छा लग रहा है। जिन लोगों को मैं जानता भी नहीं था, वे मुझे पहचानने लगे हैं। मैं जब विश्वकप के लिए गया था तो छोड़ने वाले गिने चुने थे। लेकिन जब वापस आया तो ढेरों लोग मुझे लेने आए थे।

अपनी विश्वकप की फाइनल की पारी के लिए मंजोत ने इसे अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी बताया। उन्होंने इसका श्रेय टीम को कोच राहुल द्रविड़ को भी दिया जिन्होंने सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिए प्रेरित किया।