आर्थिक आंकडों और वैश्विक रुख से तय होगी शेयर बाजार की दिशा

मुंबई। बीते सप्ताह तेज गिरावट झेलने वाले घरेलू शेयर बाजार को आगामी सप्ताह कई मोर्चे पर दबाव का सामना करना होगा। आर्थिक आंकड़े और वैश्विक रुख के अलावा कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव बाजार पर दिखेगा।

गत सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 739.80 अंक यानी 2.17 प्रतिशत लुढ़ककर 33,307.14 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 231.50 अंक यानी 2.21 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 10,226.85 अंक पर बंद हुआ।

आलोच्य सप्ताह के दौरान दिग्गज कंपनियों की तुलना में छोटी और मंझोली कंपनियों में बिकवाली का अधिक दबाव रहा। बीएसई का मिडकैप सप्ताह के दौरान 2.88 प्रतिशत लुढ़ककर 15,987.27 अंक पर आ गया। स्मॉलकैप भी 4.31 प्रतिशत की गिरावट में शुक्रवार को 17,305.92 अंक पर बंद हुआ।

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और अल्युमिनियम पर आयात शुल्क लगाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है जिससे एशियाई और यूरोपीय बाजारों में खलबची मच गई है। ट्रंप की इस घोषणा के खिलाफ यूरोपीय संघ और चीन जल्द ही कोई नयी घोषणा कर सकते हैं जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की संभावना प्रबल होती दिख रही है।

हालांकि उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच तनातनी कम करने की दिशा में जारी प्रयास निवेशकों को हल्की राहत दे सकते हैं लेकिन आने वाले समय में यह बातचीत कितनी आगे बढेगी, इसे लेकर आशंकाओं का बाजार गर्म है।

घरेलू स्तर पर आगामी सप्ताह 12 मार्च को आईआईपी, 14 मार्च काे थोक और खुदरा महंगाई तथा 15 मार्च को आयात निर्यात का आंकड़ा जारी होना है। सकारात्मक आंकड़ों से निवेश धारणा को बल मिलेगा। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के बाद बैंकिंग समूह पर अब भी दबाव है। अन्य बैंकों में भी ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल के दाम आलोच्य सप्ताह के दौरान लगातार दूसरे सप्ताह लुढ़के हैं जिससे निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर उसमें निवेश कर रहे हैं।

कारोबारियों का कहना है कि बीते सप्ताह शनिवार को हुई जीएसटी परिषद् की बैठक के नतीजों का प्रभाव भी शेयर बाजार पर दिखेगा। जीएसटी परिषद् ने निर्यातकों को आयात पर चुकाये गये कर और कच्चे माल पर चुकाए गए इनपुट टैक्स के रिफंड के लिए पहले एक अप्रेल से ई-वॉलेट व्यवस्था लागू करने का फैसला किया गया था लेकिन उसने अब इसे एक अक्टूबर से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा निर्यातकों के लिए आयातित सामान पर कर में छूट की अवधि छह महीने और बढ़ा दी है।

जीएसटी परिषद् रिटर्न दाखिल करने, रिवर्स चार्ज प्रणाली तथा स्रोत पर कराधान (टीडीएस) संबंधी प्रावधानों में कारोबारियों को तीन महीने और राहत दे दी है। पहले यह व्यवस्था मार्च तक लागू थी जो अब जून तक लागू रहेगी।

रिवर्स चार्ज आधार पर कर अदा करने की अनिवार्यता को भी 30 जून तक टालने का फैसला किया गया है। इस दौरान मंत्रियों का एक समूह इसे लागू करने के तरीकों पर विचार करेगा ताकि व्यापारियों और उद्योग जगत को कोई परेशानी न हो। स्रोत पर कर लगाने और कर संग्रह के प्रावधानों को भी 30 जून तक टाल दिया गया है।

इस दौरान केंद्र तथा राज्य सरकारों की लेखा प्रणालियों को जीएसटी नेटवर्क से जोड़ने के तौर-तरीकों पर विचार किया जायेगा जिससे जिन व्यापारियों ने स्रोत पर कर अदा कर दिया है उन्हें उसका क्रेडिट बिना किसी परेशानी के अपने-आप मिल जाए।

बीते सप्ताह कारोबार के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहने के बाद धातु तथा बैंकिंग समूहों की कंपनियों में बिकवाली के दबाव में अंतिम समय में गोता लगाता हुआ घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 0.13 प्रतिशत यानी 44.43 अंक लुढ़ककर 33,307.14 अंक पर और निफ्टी 0.15 प्रतिशत यानी 15.80 अंक की गिरावट में 10,226.85 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धातुओं की कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स में इस दिन टाटा स्टील में सबसे ज्यादा साढ़े चार प्रतिशत की गिरावट रही। अदानी पोर्ट्स के शेयर भी दो फीसदी से अधिक टूटे। अमरीकी के चीन और यूरोप से स्टील और अल्युमीनियम आयात पर प्रतिबंध बढ़ाने की घोषणा के बाद से ही धातु समूह दबाव में है। बीएसई में धातु समूह में सर्वाधिक करीब दो फीसदी की गिरावट रही। बैंकों में घोटालों के मद्देनजर यह समूह भी गिरावट में रहा। एक्सिस बैंक के शेयर करीब तीन प्रतिशत लुढ़के।

मंगलवार को बैंकिंग क्षेत्र पर बने दबाव तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रक्षात्मक व्यापार नीति की आशंका में घरेलू शेयर बाजार लगातार पाँचवें कारोबारी दिवस टूटते हुये करीब 12 सप्ताह के निचले स्तर पर आ गये। वैश्विक बाजारों की जबरदस्त तेजी के दम पर शुरुआती कारोबार में 300 अंक से ज्यादा की बढ़त बनाने वाला सेंसेक्स दोपहर बाद हुई बिकवाली के दबाव में 429.58 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 33,317.20 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 109.60 अंक लुढ़ककर 10,249.25 अंक पर आ गया।

बुधवार को लगातार छठे दिन बैंक घोटालों और अमरीका की रक्षात्मक व्यापार नीति का असर घरेलू शेयर बाजार पर देखा गया और सेंसेक्स 284.11 अंक लुढ़ककर तीन महीने के निचले स्तर 33,033.09 अंक पर बंद हुआ। बैंकिंग के साथ दूरसंचार, पावर, पूंजीगत वस्तुओं और ऊर्जा समूह पर भी दबाव रहा। अदानी पोर्ट्स के शेयर सबसे ज्यादा साढ़े छह प्रतिशत टूटे।

भारतीय स्टेट बैंक में करीब चार प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट रही। एयरटेल के शेयर भी ढाई फीसदी टूटे। निफ्टी भी 95.05 अंक लुढ़ककर तीन महीने से ज्यादा के निचले स्तर 10,154.20 अंक पर आ गया।

गुरुवार को विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और बैंकिंग समूह के गिरावट से उबरने से घरेलू शेयर बाजार गत छह दिन की लगातार गिरावट से उबरने में कामयाब रहे। सेंसेक्स 318.48 अंक की छलांग लगाकर 33,351.57 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 88.45 अंक की बढ़त में 10,242.65 अंक पर बंद हुआ।

स्टील और एल्युमिनियम पर आयात शुल्क लगाने के श्री ट्रंप के सख्त बयान के बाद वैश्विक व्यापार युद्ध की संभावना तेज हो गई थी। लेकिन, उन्होंने बुधवार को नरमी का संकेत देते हुए कहा कि वह इस दायरे से मेक्सिको, कनाडा और कुछ अन्य देशों को बाहर रख सकते हैं। ट्रंप के रुख में लचीलेपन से व्यापार युद्ध की संभावना कम होती देख निवेशकों का रुझान जोखिम भरी परिसंपत्तियों में बढ़ गया।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहने के बाद धातु तथा बैंकिंग समूहों की कंपनियों में बिकवाली के दबाव में अंतिम समय में गोता लगाता हुआ घरेलू शेयर बाजार अपनी तेजी खोता हुआ लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 प्रतिशत यानी 44.43 अंक लुढ़ककर 33,307.14 अंक पर और निफ्टी भी 0.15 प्रतिशत यानी 15.80 अंक की गिरावट में 10,226.85 अंक पर बंद हुआ।

आलोच्य सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 में से मात्र पांच कंपनियां हरे निशान में अपनी जगह बना पायीं। एनटीपीसी के शेयरों में सबसे अधिक 0.55 प्रतिशत, एचडीएफसी में 0.32 प्रतिशत,इंफोसिस में0.27, हीरो मोटोकॉर्प्स में 0.21 और इंडसइंड बैंक में 0.05 प्रतिशत की तेजी रही।

शेष 25 कंपनियाें के शेयरों की कीमत में गिरावट दर्ज की गयी। टाटा स्टील में 10.32 प्रतिशत, टाटा मोटर्स में 7.86, टाटा मोटर्स डीवीआर में 7.34, अदानी पोटर्स में 6.95, भारती एयरटेल में 5.81, यस बैंक में 5.39, ओएनजीसी में 5.22, सन फार्मा में 5.18, डॉ रेड्डीज में4.38, आईसीअाईसीआई बैंक में 4.11, एक्सिस बैंक में 3.94, रिलायंस में 3.76, भारतीय स्टेट बैंक में 3.58, बजाज ऑटो में 2.87, कोल इंडिया में 2.59, मारुति में 2.38, विप्रो में 2.33, हिंदुस्तान यूनीलीवर में 1.89, एल एंड टी में 1.76, आईटीसी में 1.59, एचडीएफसी बैंक में 1.31, पावर ग्रिड में 1.29, कोटक बैंक में 1.02, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.55 और टीसीएस में 0.09 प्रतिशत की गिरावट रही।