सत्येंद्र जैन, अन्य के ठिकानों पर ईडी के छापे, भारी नकदी-सोना बरामद

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बताया कि उसने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य के ठिकानों पर छापे डालकर 2.85 करोड़ रुपए नगद, 1.80 किलोग्राम वजन के सोने के कुल 133 सिक्के और दस्तावेज तथा डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए हैं।

ईडी ने एक बयान में कहा कि छापे की यह कार्रवाई सोमवार को की गई। इसमें नगदी और सोने के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी ने कहा है कि जब्त नगदी और सोने के स्रोत की जानकारी उसे नहीं दी गई है।

उल्लेखनीय है कि सत्येंद्र जैन को 30 मई को एजेंसी ने धन शोधन निवारक अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था और वह इस समय ईडी की हिरासत में हैं। उन्हें निचली अदालत ने 31 मई को नौ जून तक के लिए ईडी की हिरासत में भेजा है।

ईडी ने कहा है कि इस कार्रवाई में सत्येंद्र जैन/पूनम जैन और उन्हें धन शोधन की कार्रवाई में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वाले या उसमें भाग लेने वाले अंकुश जैन, वैभव जैन, नवीन जैन और सिद्धार्थ जैन (मेसर्स राम प्रकाश ज्वैलर्स प्रा. लि. के निदेशक), जीएस मथरू (प्रूडेंस स्कूल चलाने वाले लाला शेर सिंह जीवन विज्ञान ट्रस्ट के चेयरमैन), योगेश कुमार जैन (निदेशक/राम प्रकाश ज्वैलर्स प्रा. लि.), मेसर्स लाला शेर सिंह जीवन विज्ञान ट्रस्ट के ठिकानों पर तलाशी ली गई।

ईडी ने कहा है कि जांच में पता चला है कि मेसर्स लाला शेर सिंह जीवन विज्ञान ट्रस्ट के एक व्यक्ति ने सत्येंद्र जैन की कंपनी से उनके साथियों को जमीनों के हस्तांतरण के लिए दिखावे के सौदों की प्रविष्टियां दर्ज कीं ताकि उन जमीनों को अलग दिखाकर उन्हें जब्त होने बचाया जा सके।

ईडी ने सीबीआई द्वारा नई दिल्ली में 24 अगस्त 2017 को दायर एक एफआईआर के आधार पर धन शोधन की जांच शुरू की थी। सीबीआई ने सत्येंद्र जैन उनकी पत्नी पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, अजीत के बेटे वैभव जैन, सुनील के बेटे अंकुश जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम 1988 की धारा 13(2) और 13(1) के तहत मामला दर्ज किया था।

सीबीआई ने इस मामले में तीन दिसंबर 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें कहा गया था कि सत्येंद्र जैन ने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के बीच मंत्री रहते हुए बेहिसाब संपत्तियां अर्जित की हैं।

इससे पहले ईडी ने 31 मार्च 2022 को सत्येंद्र जैन के लाभ की या उनके नियंत्रण वाली कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति कुर्क की थी। ईडी ने कहा है कि इस मामले में आगे जांच की जा रही है।