EDII पारिवारिक कारोबारों को उत्तराधिकार नियोजन के लिए करेगा प्रोत्साहित

EDII पारिवारिक कारोबारों को उत्तराधिकार नियोजन के लिए करेगा प्रोत्साहित
EDII पारिवारिक कारोबारों को उत्तराधिकार नियोजन के लिए करेगा प्रोत्साहित

एंटरेप्रेन्यूरशिप शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं संस्थान निर्माण के लिए प्रख्यात राष्ट्रीय संस्थान एंटरेप्रेन्यूरशिप डेवलपमेन्ट इन्सटीट्यूट आॅफ इण्डिया ;म्क्प्प्द्ध पारिवारिक कारोबार करने वाले उद्यमियों के लिए उत्तराधिकार नियोजन पर ध्यान केन्द्रित करेगा। संस्थान परिवारों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करने तथा प्रोत्साहित करने के लिए ‘फैमिली बिज़नेस क्लिनिक्स’ संचालित करेगा।

संस्थान बिज़नेस एंटरेप्रेन्यूरशिप ;च्ळक्ड.ठम्द्ध में अपने प्रमुख पीजीडीएम प्रोग्राम के माध्यम से पहले से 400 से अधिक नेक्स्ट-जैन उद्यमियों को सशक्त बना चुका है। विविध अनुसंधानों से ज्ञात हुआ है कि भारत में 80 फीसदी पारिवारिक कारोबारों के पास सशक्त, दस्तावेजों से युक्त उत्तराधिकार योजना नहीं होती।

संस्थान एमएसएमई को उत्तराधिकार योजना के लिए संवेदनशील बनाने हेतु अहमदाबाद, वड़ोदरा, राजकोट, जोधपुर और भोपाल के ओद्यौगिक संगठनों में ऐसे कुछ क्लिनिक संचालित कर चुका है। इसी तरह के क्लिनिक भारत के अन्य दूसरे स्तर के शहरों में भी संचालित किए जाएंगे।

इन क्लिनिकों में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे जैसे नेतृत्व की संस्कृति का निर्माण, कारोबार संचालन में सामरिक नियोजन, पंूजी की समस्या का समाधान तथा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल।

भारत में पारिवारिक कारोबारों को प्रोत्साहित करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए डाॅ सत्या रंजन आचार्या, फैकल्टी, म्क्प्प् ने कहा, ‘‘पारिवारिक कारोबारों के द्वारा कुल बाज़ार पूंजीकरण एवं जीडीपी में योगदान की बात करें तो भारत शीर्ष पायदान के पांच देशों की सूची में शुमार है। हालांकि कई उद्यम उत्तराधिकार योजना नहीं होने के कारण विकसित नहीं हो पाते। उत्तराधिकार नियोजन पिछले दशक के दौरान पारिवारिक कारोबारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि पुराने कारोबारी इस बात को समझ रहे हे। कि युवा पीढ़ी को ज़िम्मेदार कारोबारी बनाने के लिए पेशेवर प्रशिक्षण बहुत ज़रूरी है।’’

ये क्लिनिक आज की युवा पीढ़ी को इस बारे में संवेदनशील बनाएंगे कि उन्हें अपने पारिवारिक कारोबार को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए। इससे प्रतिभागियों में नेतृत्व के ऐसे गुण विकसित होंगे, ताकि वे अपने कारोबार को अगली पीढ़ीयों तक बढ़ा सकें। इसके अलावा कारोबारों को अपनी सीमा के दायरे से बाहर अपने पारिवारिक कारोबार को बढ़ाने का मौका भी मिलेगा।

फैमिली बिज़नेस लीडरशिप क्लिनिक प्रतिभागियों में नेतृत्व के गुण विकसित करेंगे, ताकि उनका वन-लीडर माॅडल, लीडरशिप टीम माॅडल में बदल जाए और पारिवारिक कारोबार पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते रहें।