VIDEO राजस्थान में बंद के दौरान व्यापक हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद

जयपुर। राजस्थान में दलित संगठनों द्वारा आयोजित बंद के दौरान सोमवार को समूचे प्रदेश में जगह-जगह हिंसक घटनाओं के बीच अलवर के दाउदपुर फाटक पर रेल पटरी उखाडने, पुलिस पर हमले और थानों पर पथराव की घटनाऐं हुई, वहीं प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिये पुलिस को उपद्रवियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।

बंद के दौरान जगह-जगह पर हिंसक घटनाएें होने, आगजनी और पथराव को देखते हुए बाड़मेर के सिवाना और जालोर के सांचोर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है वहीं कई जिलों मे इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है।

प्रदेश में बंद के दौरान बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव सीएस गोयल और पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर सभी पुलिस अधिकारियों को उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

बंद समर्थकों द्वारा अलवर में दाउदपुर फाटक पर पटरी उखाड़ने के कारण अलवर-जयपुर-देहली रेल मार्ग बंद हो गया। बंद समर्थकों के कारण अलवर के पास पांच यात्री ट्रेन फंसी गई जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। बंद के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने भी आधा दर्जन रेलों के संचालन में आंशिक परिवर्तन किया है वहीं चार रेलों को रद्द कर दिया गया है।

अलवर में बंद समर्थकों द्वारा वाहनों के आग लगाने और पुलिस पर फायरिंग करने की भी सूचना है जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। बंद समर्थकों द्वारा पुलिस पर किए गए हमले से एक उप पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अलवर के जिला कलेक्टर विशाल राजन ने हालातों को देखते हुए रात्रि आठ बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए है।

राजधानी जयपुर में बंद समर्थकों और व्यापारियों के बीच छुटपुट झड़पें हुई। जयपुर मेट्रो रेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मेट्रो रेल सेवाएं शाम पांच घंटे तक बंद कर दी। मेट्रो प्रशासन ने पहली बार सवेरे 11 बजे से एक बजे तक दो घंटे और बाद में शाम चार बजे तक तीन घंटे तक बंद कर दी।

बंद समर्थकों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए बाड़मेर के सिवाना, जालोर के सांचोर सहित कुछ स्थानों पर निषेधाज्ञा लगा दी है वहीं प्रदेश के जयपुर संभाग के सीकर सहित लगभग आधा दर्जन स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है।

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बीकानेर से प्राप्त जानकारी के अनुसार वहां सुबह से ही शहर के मुख्य बाजारों के साथ ही अन्य बाजारों में व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दलित संगठनों से जुड़े युवा सुबह से ही शहर में एकत्रित हो गए और छोटे-छोटे दलों में बंटकर पूरे शहर में घूम घूम कर नारबाजी करते हुए दुकानें बंद कराते रहे। हालांकि ज्यादातर व्यवसायियों ने खुद ही दुकानें बंद रखीं।

इससे पहले दलित संगठनों ने शहर में जुलूस निकालकर नारेबाजी की और उच्चतम न्यायालय के फैसले का विरोध किया। बीकानेर के तीर्थभ, बड़ा बाजार और नापासर कस्बे में जबरन बंद कराने के दौरान मामूली झड़पें हुई, जिन्हें बाद में पुलिस ने आकर काबू किया।

कोलायत में बंद समर्थकों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की जिससे कुछ तनाव हुआ, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से बात आगे नहीं बढ़ी। चुरू में बंद समर्थकों ने रैली निकाली। गंगानगर में दुकानें जबरन बंद कराते तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि रावला में मिस्त्री बाजार में कुछ तोड़फोड़ की गई। पदमपुर में बंद शांतिपूर्ण है। अब तक बंद के दौरान किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है।

अलवर जिले के खैरथल में बंद समर्थकों ने पथराव कर एक जने का सिर फोड़ दिया। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। कई जगह झड़प होने की जानकारी मिली है । संगठन के लोग हाथों में लाठी डंडे और झंडे लेकर पूरे बाजार में रैली के रूप में निकल रहे हैं और दुकानों को बंद करा रहे हैं। उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस ने भी पूरे बंदोबस्त किए हैं।

बंद समर्थकों द्वारा खैरथल और घाटला पर स्टेशन पर डबल डेकर और शताब्दी ट्रेन को रोक कर प्रदर्शन किया गया। खैरथल में डबल डेकर ट्रेन पर पथराव किये जाने और शताब्दी पर पथराव कर शीशे फोड़ने के समाचार है। बंद को लेकर जाम में फंसे वाहनों से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों ने पुलिस पर बंद समर्थकों का साथ देने का आरोप लगाया है।

अलवर शहर के होप सर्कस पर बंद समर्थकों और व्यापारियों में नोकझोक हो गई और हालात तनाव पूर्ण हो गए। अलवर के सात फुट रोड़ पर फायरिंग में कई युवकों के छर्रे लगे हैं। जिन्हें अलवर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भी समर्थकों ने हुड़दंग कर दिया।

अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया। अभी इस बात का पता नहीं लगा है फायरिंग कैसे हुई लेकिन माना जा रहा है कि बंद समर्थको ने हीं फायरिंग की है। इसके अलावा उदयपुर में बंद समर्थकों ने पुलिस वाहनों में आग लगा दी। यहां पर तीन वाहनों में आग लगाई गई।

आगजनी की सूचना के बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात पर काबू पाने की कोशिश की। इधर अलवर सब्जी मंडी और खेड़ली में सब्जी मंडी में लूटपाट की गई। अलवर के कई स्थानों पर नोकझोंक की जानकारी है। शिवाजी पार्क में भी बंद को लेकर हंगामा हो गया। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया।

अजमेर में बंद समर्थकों ने जगह जगह तोड़फोड़ की जिस पर काबू पाने के लिए पुलिस ने पूर्व विधायक राज कुमार जयपाल, पूर्व महापौर कमल बाकोलिया सहित कुछ लोगों को हिरासत में लिया। देर शाम सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। बंद समर्थक हाथों में जय भीम के नारे लिखे बैनर और डंडे लेकर बाजार बंद कराते देखे गए।

नागौर के मेड़ता सिटी में बंद समर्थकों द्वारा पुलिस चौकी पर पथराव करने से वहां तनाव के हालात बन गए हैं और बंद समर्थकों द्वारा चौकी पर पथराव किया गया।

बंद के दौरान उदयपुर संभाग मुख्यालय पर कोर्ट चौराहे से जिला कलेक्ट्रेट तक जलुस निकाला गया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। इसी तरह संभाग के बांसवाडा, डूंगरपुर और चितौड़गढ़ में बंद का मिला जुला असर पडा। प्रदेश के कोटा, जोधपुर, भीलवाडा सहित अनेक जिलों में भी बंद समर्थकों और व्यापारियों के बीच छिटपुट झड़पों की सूचना मिली है।

यह है मामला:- सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर फैसला सुनाया था। अब कई दलित संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है। हिंदी बेल्ट के राज्यों में बंद का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए।

दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट का गलत इस्तेमाल होने पर चिंता जाहिर करते हुए इसमें कुछ बदलाव किए थे। कोर्ट के इस फैसले पर दलित संगठन कानून को कमजोर करने की दलील दे रहे हैं और लगातार विरोध में आवाज उठा रहे हैं। इस बंद को देखते हुए पंजाब में सभी शिक्षण संस्थान, ट्रांसपॉर्ट बंद रखने का फैसला किया गया है। राज्य में आज होने वाली 10वीं और 12वीं के सीबीएसई परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।