केरल विधानसभा चुनाव परिणाम : प्रारंभिक रूझानों में एलडीफ को बढ़त

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनावों में 140 सीटों के लिए रविवार सुबह आठ बजे से मतगणना का काम शुरू हो गया है और प्रारंभिक रूझानों में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) आगे चल रहा है।

राज्य विधानसभा के जैसा कि शुरुआती रुझान आने शुरू हो गए हैं, सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा)के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के मुकाबले बढ़त हासिल की। राज्य में 140 सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान हुआ था।

प्रारंभिक रूझान में एलडीएफ 80 सीटों पर जबकि यूडीएफ 57 और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन तीन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

राज्य के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मदाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़े हैं, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी पुथुपल्ली विधानसभा क्षेत्र से और विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला हरिपाड विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं।

भाजपा के तीन नेता कुम्मनम राजशेखरन, मेट्रोमैन ई. श्रीधरन और एन हरिदास क्रमशः नेमोम, पलाक्कड़ और कोझिकोड दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों का नेतृत्व कर रहे हैं।

केरल में 10 बजे तक की दलील स्थिति

केरल विधानसभा की 140 सीटों पर रविवार सुबह से चल रही मतगणना में सुबह 11 बजे तक की दलीय स्थिति इस प्रकार है :-

पार्टी ——————-जीत—–आगे ——–कुल

भारतीय जनता पार्टी ……..0……..2…………2
भाकपा…………….. 0………15……….15
माकपा………………0………52………52
कांग्रेस (सेक्यूलर)………0……….1……….1
निर्दलीय …………….0……….4……….4
कांग्रेस ……………..0……….22………22
इंडियन नेशनल लीग……..0……….1………1
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग..0………14……..14
जनाधिपत्य केरल कांग्रेस …..0………1……..1
जनता दल (सेक्यूलर)…….0……….1……..1
केरल कांग्रेस …………..0………5………5
केरल कांग्रेस (जैकोब)…….0……….1………1
केरल कांग्रेस (एम)……….0………6………6
केरल कांग्रेस (बी)……….0……….1………1
लोकतांत्रिक जनता दल…….0……….1………1
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी …..0……….2………2
आरएमपीआई…………..0……….1………1
आरएसपी…………….0………..1………1
कुल ……………….0……….131…….131

राज्य में 15वें विधानसभा का चुनाव एक ही चरण में छह अप्रैल को संपन्न हुआ। राज्य में महत्वपूर्ण मुकाबला सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नीत वात डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) तथा विपक्षी कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को भी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

राज्य विधानसभा की कुल 140 सीटें हैं। ऐसे में किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार के गठन के लिए कम से कम 71 सीटों पर जीतना आवश्यक होगा। एलडीएफ ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 91 सीटें जीती थीं। यूडीएफ को केवल 47 सीटों पर जीत हासिल हुई थीं।

भाजपा नीत राजग ने 14.96 फीसदी वोट हासिल किये थे तथा पहली बार नामोम सीट पर ओ राजगोपाल ने एक सीट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा एक अन्य सीट एक निर्दलीय पी सी जॉर्ज ने जीती थी जिन्होंने बाद में केरल जनपक्षम (सेक्युलर) पार्टी का गठन किया था। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट हिस्सेदारी में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

चुनाव लड़ने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (धर्मदाम), भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन (मंजेश्वरम्), मेट्रोमैन ई श्रीधरन (पलक्कड़), स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा (मट्टनूर), पूर्व सीएम ओमन चांडी (पुथुपल्ली), राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन (कान्हंगद) और पूर्व डीजीपी जैकब थॉमस (इरिन्जालाकुडा) शामिल हैं।

इस बीच, चुनाव आयोग मतगणना प्रक्रिया के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने वाले सख्त नियमों का एक सेट लेकर आया है। मतगणना अधिकारियों को मास्क और फेस शिल्ड दिया जाएगा। स्टेशन में प्रवेश करने से पहले अधिकारियों और मतगणना एजेंटों को सेनिटाइज़र भी सौंपा जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि छह अप्रैल को केरल में 140 सीटों के लिए एकल चरण विधानसभा चुनाव में 2.74 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 74.02 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि 2016 के विधानसभा चुनावों में यह 77.53 प्रतिशत था।