फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से बिजली उपभोक्ताओं को लगेगा झटका

झुंझुनूं। राजस्थान में अजमेर विद्युत वितरण कम्पनी (डिस्कॉम) ने स्थाई शुल्क में बढ़ोतरी के बाद अब फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर बिजली उपभोक्ताओं को दोहरा झटका दिया है। अब उपभोक्ताओं को तीन महीने के फ्यूल सरचार्ज के नाम पर सात करोड़ 20 लाख रुपए का ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अजमेर डिस्कॉम पहले से ही चार महीने स्थाई शुल्क का पैसा जोड़कर एक बिल में 920 रुपए वसूला रहा है। इसके बाद अब फ्यूल सरचार्ज के नाम पर अजमेर डिस्कॉम ने 16 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी है। जिससे झुंझुनूं जिले के पांच लाख 27 हजार विद्युत उपभोक्ताओं में से कृषि कनेक्शन एवं बीपीएल उपभोक्ता को छोड़कर चार लाख 64 हजार विद्युत उपभोक्ताओं पर इसका भार पड़ेगा।

राज्य सरकार ने भी इसके लिए मंजूरी दे दी है। जिसके बाद हाल ही में जारी बिजली बिलों में ये राशि जुड़कर आने लग गई है। कोरोना काल में आर्थिक रूप से पीड़ित विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने की जगह यह सरचार्ज लगाना भारी पड़ेगा।

अब किसी उपभोक्ता ने तीन महीनों में 500 यूनिट बिजली खर्च की तो 16 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से 80 रुपए फ्यूल सरचार्ज के रूप में ज्यादा वसूले जाएंगे। यह भी दो बिलों में 40-40 रुपए के रूप में जुड़कर आएंगे। पिछले वर्ष दिसंबर के बाद से इन नौ महीनों में यह तीसरी बार उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूला जा रहा है।

अप्रैल से जून के लिए उपभोक्ताओं पर 28 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था जो जनवरी के बिल में जुड़कर आया था। फिर मार्च 21 में जुलाई से सितंबर 2020 के लिए सात पैसे यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था जो अप्रैल 2021 के बिल में जुड़कर आया था। अब अक्टूबर से दिसंबर 2020 के लिए उपभोक्ताओं से 16 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। जो सितंबर और अक्टूबर के बिलों में जुड़कर आएगा।

इससे पहले जनवरी से मार्च 2019 में 28 पैसे। इसी साल अप्रैल से जून में 47 पैसे। फिर जुलाई से सिंतबर में 27 पैसे, अक्टूबर से दिसंबर में 39 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज का भार डाला गया था।

बिजली उत्पादन कंपनियों से डिस्कॉम जब बिजली खरीदने का अनुबंध करती है तब दरें तय हो जाती हैं। इसी दौरान कोयले की कीमत, ट्रांसपोर्टेशन डीजल के भाव बढ़ने पर बिजली कंपनियां फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का अनुरोध करती है।

बीते महीनों में कोयला, ट्रांसपोटेशन और डीजल महंगा होने से बिजली बनाने वाली कंपनियों ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर की। जिसकी सुनवाई के बाद आयोग का आदेश कंपनियों एवं डिस्कॉम को मिल गया है।

झुंझुनूं जिले में अजमेर डिस्कॉम के पांच लाख 27 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें 58 हजार कृषि और 5 हजार बीपीएल कनेक्शन हैं। कृषि व बीपीएल उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज का असर नहीं पड़ेगा। जिले में औसतन 70 लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली की खपत होती है। इसमें 50 लाख यूनिट पर फ्यूल सरचार्ज लगेगा।

16 पैसे प्रति यूनिट के 50 लाख यूनिट के करीब 8 लाख रूपए प्रतिदिन और हर महीने दो करोड़ 40 लाख़ रुपए के आधार पर चार लाख 64 हजार उपभोक्ताओं को बिल में तीन महीने के फ्यूल सरचार्ज की राशि 7 करोड़ 20 लाख रुपए अधिक देने होंगे।

अजमेर विद्युत वितरण कम्पनी झुंझुनूं के अधिक्षण अभियंता राजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला प्रदेश स्तर पर हुआ है। यह आगामी महीनों के बिल में जुड़कर आएंगे। स्थाई शुल्क एक महीने के 230 रुपए आते हैं। चार महीने का जुड़कर आने से बिल बढ़ा है।