प्रख्यात साहित्यकार मन्नू भंडारी चिर निद्रा में विलीन

नई दिल्ली। विख्यात हिंदी साहित्यकार और महाभोज तथा आपकी बंटी जैसी प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियों की रचनाकार मन्नू भंडारी का सोमवार को 90वें वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से उनके पाठकों और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

उनका जन्म 3 अप्रैल, 1931 को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में भानपुरा गांव में हुआ था। उनका पिछले दस दिनों से गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस लीं। उनकी पुत्री रचना यादव ने फेसबुक पेज हंस कथा मासिक पर बताया कि अत्यन्त दुख के साथ सूचित किया जाता है कि सम्माननीय साहित्यकार मन्नू भंडारी जी हमारे बीच नहीं रहीं। उन्हें हमारा सादर नमन।

मन्नू का विवाह प्रसिद्ध साहित्यकार और हंस पत्रिका के संपादक रहे राजेंद्र यादव के साथ हुआ था, लेकिन शादी के कुछ दशक बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे थे। उन्होंने कुछ समय तक मिरांडा हाउस कॉलेज में अध्यापन कार्य भी किया।

उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं में ‘यही सच है’ है, जिस पर 70 के दशक की शुरुआत में आई फिल्म ‘रजनीकांत’ बनाई गई थी। उनकी कृति ‘एक इंच मुस्कान’ भी काफी मशहूर है, जिसे उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर लिखा था। उनकी उपन्यास आपकी बंटी पर फिल्म समय की धारा बनी है और उपन्यास महाभोज का नाट्य रुपांतरण बहुत लोकप्रिय है।

उल्लेखीय है कि उनकी बेटी रचना यादव हंस पत्रिका को संभाल रही हैं। उनके निधन पर कई साहित्यकारों और नेताओं ने शोक -संवेदना व्यक्त की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी रचनाओं में गंभीर सामाजिक मुद्दों की झलक थी।

वहीं राजकमल प्रकाशन समूह ने उनके निधन की सूचना देते हुए उनकी स्मृति को नमन करते हुए कहा है,’महाभोज’ और ‘आपका बंटी’ जैसी कालजयी रचनाओं की लेखिका मन्नू भंडारी जी नहीं रहीं। राजकमल प्रकाशन समूह उनकी स्मृति को सादर नमन करता है।’