दिग्गज कंपनियों में बिकवाली से सेंसेक्स 173 अंक लुढ़का

मुंबई। शुरुआती कारोबार में 1,100 अंक से अधिक की तेजी के बाद दिग्गज कंपनियों में मुनाफा वसूली से बीएसई का सेंसेक्स आज 173.25 अंक यानी 0.58 प्रतिशत टूटकर 29,893.96 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 43.45 अंक यानी 0.49 प्रतिशत लुढ़ककर 8,748.75 अंक पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार गिरावट में खुले, लेकिन लिवाली के दम पर कुछ ही मिनटों में बढ़त में पहुंच गए। इसके बाद बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। पिछले कारोबारी दिवस पर ऐतिहासिक तेजी के साथ 30,067.21 अंक पर बंद होने वाला सेंसेक्स 365.29 अंक टूटकर 29,701.92 अंक पर खुला और 31,227.97 अंक तक मजबूत हुआ।

दिग्गज कंपनियों में मुनाफावसूली के दबाव में दोपहर तक सेंसेक्स ने अपनी सारी बढ़त खो दी। इसके बाद दिन भर उतार-चढ़ाव से होता हुआ अंतत: 0.58 फीसदी की गिरावट में 29,893.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 15 के शेयर तेजी में और शेष 15 के गिरकर बंद हुए।

टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी ने बाजार पर सबसे ज्याद दबाव बनाया। वहीं, सनफार्मा और एनटीपीसी के शेयर करीब 4.5 फीसदी चढ़े।

मझौली और छोटी कंपनियों में तेजी रही। बीएसई का मिडकैप 1.90 प्रतिशत की तेजी के साथ 10,976.15 अंक पर और स्मॉलकैप 1.86 प्रतिशत चढ़कर 9,979.72 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,514 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,495 कंपनियों के शेयर हरे निशान में और 858 के लाल निशान में रहे जबकि 161 कंपनियों के शेयर दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: अपरिवर्तित रहे।

निफ्टी भी 103.30 अंक की गिरावट के साथ 8,688.90 अंक पर खुला। इसका दिवस का निचला स्तर 8,653.70 अंक और उच्चतम स्तर 9,131.70 अंक रहा। अंत में यह 0.49 प्रतिशत की गिरावट में 8,748.75 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 में से 26 कंपनियों के शेयरों में गिरावट और शेष 24 में बढ़त रही।

विदेशों में अधिकतर एशियाई और यूरोपीय बाजार लाल निशान में रहे। एशिया में हांगकांग का हैंगसेंग 1.17 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.90 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.19 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुआ हालाँकि जापान का निक्केई में 2.13 फीसदी की तेजी रही। यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 1.64 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 1.07 फीसदी कमजोर हुआ।

बीएसई के समूहों में रियलिटी का सूचकांक सबसे ज्यादा 1.62 प्रतिशत की गिरावट में रहा। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद में 1.46 फीसदी, आईटी में 1.44 फीसदी और टेक में 1.35 फीसदी की गिरावट रही। इनके अलावा दूरसंचार, धातु, ऊर्जा, बैंकिंग, वित्त और बुनियादी वस्तुओं के समूहों के सूचकांक भी फिसल गए।

स्वास्थ्य समूह में सर्वाधिक 3.85 फीसदी की तेजी देखी गयी। ऑटो समूह का सूचकांक 1.94 प्रतिशत, यूटिलिटीज का 1.80, बिजली का 1.59, इंडस्ट्रियल्स का 1.52 और पूँजीगत वस्तुओं का 1.05 प्रतिशत की तेजी में रहा। सीडीजीएंडएस और एफएमसीजी समूह भी हरे निशान में रहे।

सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस का शेयर 3.91 प्रतिशत लुढ़क गया। टाइटन में 3.47, आईसीआईसीआई बैंक में 2.18, भारतीय स्टेट बैंक में 1.85, भारती एयरटेल में 1.80, आईटीसी में 1.60, इंफोसिस में 1.47, बजाज ऑटो में 1.44, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.18, नेस्ले इंडिया में 1.03, एशियन पेंट्स में 0.89, एचडीएफसी बैंक में 0.83, कोटक महिंद्रा बैंक में 0.78, टाटा स्टील में 0.53, अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही।

सनफार्मा के शेयर सबसे ज्यादा 4.69 प्रतिशत चढ़े। एनटीपीसी में 4.41 फीसदी, इंडसइंड बैंक में 3.83, बजाज फाइनेंस में 3.54, मारुति सुजुकी में 3.25, हीरो मोटोकॉर्प में 3.05, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.79, टेक महिंद्रा में 1.99, ओएनजीसी में 1.64, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.59, एलएंडटी में 0.75, एक्सिस बैंक में 0.64, हिंदुस्तान यूनिलिवर में 0.58, पावरग्रिड में 0.25 और एचडीएफसी में 0.14 प्रतिशत की तेजी रही।