मेजबान इंग्लैंड का 55 साल का सपना तोड़ इटली बना यूरो कप का विजेता

लंदन। चार बार की विश्व विजेता फुटबॉल टीम इटली ने यहां रविवार को वेम्बले स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हरा कर दूसरी बार यूईएफए यूरो 2020 का खिताब जीत लिया। इस जीत से इटली ने इंग्लैंड का 55 साल का किसी बड़े खिताब का सपना पूरा नहीं होने दिया। इंग्लैंड ने इससे पहले 1966 में एकमात्र बार विश्व कप फुटबॉल खिताब जीता था।

इटली ने इससे पहले 1968 में पहली बार यूरो खिताब जीता था। इतना ही नहीं वह 2000 और 2012 में फाइनल में भी पहुंचा था, लेकिन उसे क्रमशः फ्रांस और स्पेन से हार मिली थी।इंग्लैंड और इटली के बीच कांटे का फाइनल हुआ। मैच की शुरुआत हुई थी कि इंग्लैंड के लेफ्ट बैक लुक शॉ ने दूसरे ही मिनट में गोल दाग कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी, जो यूरो फाइनल में अब तक का सबसे कम समय किया गया गोल है।

इसके बाद जहां इटली के खिलाड़ियों ने जहां स्कोर को बराबरी पर लाने तो वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने बढ़त को बनाए रखने और इसे बढ़ाने के लिए हर मुमकिन प्रयास किए, हालांकि दोनों टीमें पहले हाफ में और गोल नहीं कर पाईं, जिसके साथ पहला हाफ 1-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ।

इस फाइनल से पहले 33 मैचों में विजयी रही इटली की टीम ने धीरे-धीरे मैच में वापसी की और दूसरे हाफ में प्रभाव दिखाना शुरू किया, जिसका नतीजा 67वें मिनट में गोल के रूप में आया, जब इटली के उप कप्तान एवं सेंटर बैक लियोनार्डो बोनुची ने हेडर को इंग्लैंड के गोलपोस्ट में डाल कर टीम की 1-1 से बराबरी कराई।

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