लड़कियों को सुरक्षित माहौल देना सामूहिक जिम्मेदारी : मेनका गांधी

लड़कियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा-मेनका गांधी
लड़कियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा-मेनका गांधी

नयी दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा के लिए सरकारकी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए आज कहा कि लड़कियों को सुरक्षित एवं स्वास्थ्य माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

गांधी ने यहां ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के एक राष्ट्रीय सम्मेलन काे संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम का पूरे देश में स्वागत हुआ है और लोग इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की सफलता में सतत निगरानी, स्थानीय गैर संरकारी संगठनों, शिक्षक संघों और आंगनवाडी तथा आशा कार्यकर्ताओं की भागीदारिता की सक्रिय भूमिका रही है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. विरेन्द्र कुमार और सचिव राकेश श्रीवास्तव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की नोडल टीम को एक ई मैगजीन शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा ऐसी प्रणाली भी विकसित की जानी चाहिए जिससे दोनों सभी अधिकारी एक दूसरे के साथ अपनी समस्याओं, अनुभवों और समाधान को साझा कर सके।

इस एक दिवसीय सम्मेलन में 244 जिलों के नोडल अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में जन्म के समय लिंगानुपात को बेहतर बनाने तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के संदर्भ में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा की। एक परिचर्चा के दौरान चुने हुए बीबीबीपी जिलों के जिलाधिकारी पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रारंभ की गयी पहलों के अनुभव साझा किये। हरियाणा ने विशेष रुप से अपनी प्रस्तुति दी है। सम्मेलन में नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं।

इस सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभागों के प्रधान सचिव तथा 244 जिलों के उपायुक्त और जिलाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने आठ मार्च को कहा था कि बीबीबीपी कार्यक्रम का विस्तार संपूर्ण भारत के 640 जिलों में किया जाएगा। फिलहाल में यह कार्यक्रम 161 जिलों में लागू है और इसमें 244 नए जिलों को जोड़ा गया है। शेष 235 जिलों को मीडिया और जागरुकता अभियान से जोड़ा जाएगा।